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उदयपुर संभाग में जल परियोजना के लिए तीन बजट में 900 करोड़ स्वीकृत - जल संसाधन मंत्री श्री रावत

जाखम-जयसमंद-बड़गांव-मातृकुण्डिया परियोजना की डीपीआर तैयार जल संसाधन मंत्री का उदयपुर दौरा, पत्रकार वार्ता में दी जानकारी

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उदयपुर संभाग में जल परियोजना के लिए तीन बजट में 900 करोड़ स्वीकृत - जल संसाधन मंत्री श्री रावत

उदयपुर। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री सुरेशसिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार प्रदेश को जल आत्मनिर्भर बनाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इसके लिए प्रदेश भर में कई बड़ी जल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। सरकार ने अपने तीन बजट में उदयपुर संभाग में कुल 900 करोड़ रूपए से अधिक की जल परियोजनाएं स्वीकृत की हैं, जिनका कार्य प्रगति पर है।

केबिनेट मंत्री श्री रावत सोमवार को अपने उदयपुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार का ध्येय है कि हर व्यक्ति को पेयजल और हर खेत को सिंचाई जल उपलब्ध हो।

इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में उदयपुर संभाग में चल रही जल परियोजनाओं के लिए 275 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं।

वहीं पिछले तीन बजट में कुल 900 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। उदयपुर की बहुप्रतीक्षित देवास तृतीय एवं चतुर्थ चरण का कार्य प्रगति पर है।

विभागीय अधिकारियों को उक्त प्रोजेक्ट दिसम्बर 2027 तक हर हाल में पूर्ण कराने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी प्रकार तकरीबन 200 करोड़ की लागत से बागोलिया फीडर का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

इससे मावली क्षेत्र में पेयजल के साथ-साथ 3700 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। राजसमंद जिले में 131 करोड़ की लागत से खारी फीडर का कार्य भी प्रगति पर है।

उन्होंने प्रदेश के अन्य हिस्सों में चल रही जल परियोजनाओं पर भी चर्चा करते हुए कहा कि रामजल सेतु परियोजना का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। इस परियेाजना के पूर्ण होने पर प्रदेश के आधे जिलों में पेयजल और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।

केंद्रीय जल आयोग को भेजी डीपीआर मंत्री श्री रावत ने बताया कि दक्षिण राजस्थान की अति महत्वाकांक्षी जाखम-जयसमंद-बड़गांव-मातृकुण्डिया जल परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से डीपीआर तैयार करा ली गई है।

करीब 10 हजार करोड़ की इस परियोजना की मंजूरी के लिए केंद्रीय जल आयोग में भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना को मूर्त रूप देने पर कार्य किया जाएगा।

श्री रावत ने बताया कि यह परियोजना पूर्ण होने पर दक्षिण राजस्थान में पेयजल और सिंचाई की समस्या का काफी हद तक समाधान हो पाएगा। वहीं जल स्त्रोतों के अधिशेष पानी का भी सदुपयोग हो सकेगा।

प्रेसवार्ता के दौरान उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, समाजसेवी गजपालसिंह, पुष्कर डांगी सहित विभागीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।