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Udaipur News

पहाड़ियों, जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर प्रशासन गंभीर

जीरो टॉलरेंस नीति के तहत होगी कार्यवाही जिला कलेक्टर ने निरीक्षण कर दिए निर्देश

मुख्य बिंदु
  • मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति कटिबद्ध है।
  • राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप उदयपुर जिला प्रशासन भी पहाड़ियों और जलस्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के प्रति गंभीर है।
  • इसी कड़ी में जिला कलेक्टर नमित मेहता ने बुधवार को कैलाशपुरी, मूणवास, नागदा सहित आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया।
  • जिला कलेक्टर श्री मेहता बुधवार सुबह यूडीए आयुक्त राहुल जैन सहित अन्य अधिकारियों के साथ कैलाशपुरी क्षेत्र पहुंचे।
  • इस दौरान उन्होंने पहाड़ियों की अवैध कटाई और नियम विरुद्ध निर्माणों पर अंकुश के बारे में संबंधित अधिकारियों से मौके की विस्तृत जानकारी ली तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों की पालना की समीक्षा की।
  • जिला कलक्टर ने निरीक्षण के दौरान पाए गए अवैध निर्माणों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवगत कराने के निर्देश दिए।
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पहाड़ियों, जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर प्रशासन गंभीर

उदयपुर।  मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति कटिबद्ध है। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप उदयपुर जिला प्रशासन भी पहाड़ियों और जलस्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के प्रति गंभीर है। इसी कड़ी में जिला कलेक्टर नमित मेहता ने बुधवार को कैलाशपुरी, मूणवास, नागदा सहित आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया।

जिला कलेक्टर श्री मेहता बुधवार सुबह यूडीए आयुक्त राहुल जैन सहित अन्य अधिकारियों के साथ कैलाशपुरी क्षेत्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पहाड़ियों की अवैध कटाई और नियम विरुद्ध निर्माणों पर अंकुश के बारे में संबंधित अधिकारियों से मौके की विस्तृत जानकारी ली तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों की पालना की समीक्षा की।

जिला कलक्टर ने निरीक्षण के दौरान पाए गए अवैध निर्माणों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाए। इसके लिए तहसीलदार बड़गांव को विशेष निगरानी रखने की हिदायत दी।

जिला कलेक्टर ने पूर्व में हुए निर्माण कार्यों की जांच के लिए गठित समिति के संबंध में भी फीडबैक लिया। समिति को निर्धारित समयावधि में विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संतुलन, पहाड़ी क्षेत्रों के संरक्षण एवं भू-उपयोग नियमों की पालना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं जाएगी।