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Udaipur News

शिव-पार्वती विवाह प्रसंग को देख भावविभोर हुए भक्त

मुख्य बिंदु
  • कन्हैयालाल धायभाई और पूलां की पूर्व पार्षद श्रीमती मंदाकिनी धायभाई की ओर से वृंदावन के महाराज वैंकटेश भाई मुखारविंद से कथा स्थल श्री कृष्ण वाटिका, धायभाई जी की पुलां में चल रही 7 दिवसीय भगवत कथा के दूसरे दिन कथा के साथ-साथ शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का आयोजन किया गया।
  • महाराज श्री ने बताया कि मेवाड़ से महारानी मीरां बाई ने जीवन में भगवान श्री कृष्ण भक्ति कर भगवान नाम का धन एकत्रित किया।
  • कथा के दौरान महाभारत विजय और द्रोपदी को श्री कृष्ण के सहयोग से श्री भीष्म पितामह द्वारा सदा सुहागन का आशीर्वाद दिया ताकि पांडव महाभारत युद्ध में विजय प्राप्त कर सभी भाई जीवीत रहे।
  • कथा के अंत में भगवान श्री शिव माता पार्वती का विवाह उत्सव झांकियों सहित मनाया गया।
  • आज भी कथा में सैंकड़ों भक्तों ने श्रीमद्भागवत श्रवण का लाभ लिया।
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शिव-पार्वती विवाह प्रसंग को देख भावविभोर हुए भक्त

उदयपुर। कन्हैयालाल धायभाई और पूलां की पूर्व पार्षद श्रीमती मंदाकिनी धायभाई की ओर से वृंदावन के महाराज वैंकटेश भाई मुखारविंद से कथा स्थल श्री कृष्ण वाटिका, धायभाई जी की पुलां में चल रही 7 दिवसीय भगवत कथा के दूसरे दिन कथा के साथ-साथ शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का आयोजन किया गया।

महाराज श्री ने बताया कि मेवाड़ से महारानी मीरां बाई ने जीवन में भगवान श्री कृष्ण भक्ति कर भगवान नाम का धन एकत्रित किया। कथा के दौरान महाभारत विजय और द्रोपदी को श्री कृष्ण के सहयोग से श्री भीष्म पितामह द्वारा सदा सुहागन का आशीर्वाद दिया ताकि पांडव महाभारत युद्ध में विजय प्राप्त कर सभी भाई जीवीत रहे।

कथा के अंत में भगवान श्री शिव माता पार्वती का विवाह उत्सव झांकियों सहित मनाया गया। आज भी कथा में सैंकड़ों भक्तों ने श्रीमद्भागवत श्रवण का लाभ लिया।