मुख्य सामग्री पर जाएँ
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

जीवन कौशल शिक्षा के माध्यम से जनजातीय विद्यार्थियों को सशक्त बनाने की पहल

“स्कूल स्वास्थ्य एवं वेलनेस कार्यक्रम” के अंतर्गत आमुखीकरण बैठक

मुख्य बिंदु
  • जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, युएनएफपीए तथा आईपीई सीकेडी के संयुक्त तत्वावधान में “स्कूल स्वास्थ्य एवं वेलनेस कार्यक्रम” के अंतर्गत एक दिवसीय आमुखीकरण बैठक का आयोजन ‘आस्तित्व’ परियोजना के तहत उदयपुर में किया गया।
  • कार्यक्रम में उदयपुर एवं सलूम्बर जिले के जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों के 35 लोगों ने भाग लिया।
  • इसमें प्रधानाचार्य, शिक्षक एंबेसडर/शिक्षिका एवं विभाग के अन्य अधिकारीगण शामिल रहे।
  • इस पहल का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के किशोरों को समग्र जीवन कौशल शिक्षा एवं परामर्श सेवाओं के माध्यम से मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना है, जिससे वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाकर समुदाय व समाज में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
WAf𝕏TGin🖨

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, युएनएफपीए तथा आईपीई सीकेडी के संयुक्त तत्वावधान में “स्कूल स्वास्थ्य एवं वेलनेस कार्यक्रम” के अंतर्गत एक दिवसीय आमुखीकरण बैठक का आयोजन ‘आस्तित्व’ परियोजना के तहत उदयपुर में किया गया।

कार्यक्रम में उदयपुर एवं सलूम्बर जिले के जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों के 35 लोगों ने भाग लिया। इसमें प्रधानाचार्य, शिक्षक एंबेसडर/शिक्षिका एवं विभाग के अन्य अधिकारीगण शामिल रहे।

इस पहल का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के किशोरों को समग्र जीवन कौशल शिक्षा एवं परामर्श सेवाओं के माध्यम से मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना है, जिससे वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाकर समुदाय व समाज में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुंजी लाल मीणा ने मुख्य वक्ता के रूप में जीवन कौशल शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “जीवन कौशल केवल एक शैक्षणिक अवधारणा नहीं, बल्कि एक व्यवहारिक आवश्यकता है जो बच्चों में नैतिक मूल्यों को विकसित करती है।

वर्तमान में यह परियोजना पायलट प्रोजेक्ट के तहत 10 विद्यालयों में संचालित की जा रही है, जिसे भविष्य में परिणामों के आधार पर अन्य सभी विद्यालयों तक विस्तारित किया जा सकेगा ।” उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्यों एवं एंबेसडरों से कार्यक्रम की योजना, क्रियान्वयन एवं निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

युएनएफपीए से प्रोग्राम एनालिस्ट कुमार मनीष ने कहा कि “स्कूल स्वास्थ्य एवं वेलनेस कार्यक्रम ( किशोरों को मानसिक स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, प्रजनन स्वास्थ्य, हिंसा की रोकथाम जैसे ज्वलंत मुद्दों पर संवेदनशील बनाकर उन्हें जीवन कौशल से लैस करता है। हमारा उद्देश्य समावेशी, सशक्त और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना करना है।”

यह अमुखीकरण जनजातीय छात्रों को जीवन कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने, उन्हें सशक्त बनाने और स्कूलों में समावेशी एवं सहयोगात्मक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के उप निदेशक भंवर लाल मीणा, नोडल अधिकारी डॉ. अमृता दाधीच, राजस्थान स्टेट ईएमआरएस सोसायटी के प्रबंधक महेन्द्र जैन, और सलाहकार एस. के. माहेश्वरी उपस्थित रहे।

युएनएफपीए की श्रीमती ललिता आमेटा ने स्कूल एंबेसडर एवं मैसेंजर की भूमिका तथा चेकलिस्ट आधारित निगरानी प्रणाली पर विस्तृत जानकारी साझा की। आईपीई सीकेडी से डॉ. शफीक अहमद ने वार्षिक गतिविधियों की योजना और क्रियान्वयन पर चर्चा की।

कार्यक्रम का संचालन क्वीना मेहता, सोनम जैन, मनोज कुमार शर्मा एवं अक्षत सिन्हा ने सफलतापूर्वक किया।