उदयपुर। शहर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है।
अज्ञात नंबर से आए मैसेज के बाद पीड़ित हिरण मगरी सेक्टर-4 निवासी यशवंत कुमार बोकड़िया (46) के मोबाइल पर अचानक 20-25 ओटीपी आने लगे। पीड़ित कुछ समझ पाता, इससे पहले ही अलग-अलग बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से रकम डेबिट होने के मैसेज मोबाइल पर आने लगे।
कुछ ही समय में कुल ₹2,42,298 की राशि अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से निकल गई। मामले में साइबर पुलिस थाना उदयपुर ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अज्ञात नंबर से आया मैसेज, फिर लगातार आने लगे ओटिपी पीड़ित यशवंत कुमार बोकड़िया के अनुसार, घटना की शुरुआत एक अज्ञात नंबर से आए मैसेज से हुई। उन्होंने उस मैसेज पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया।
इसके कुछ समय बाद अचानक उनके मोबाइल पर लगातार 20-25 ओटीपी आने लगे। एक साथ इतने ओटीपी आने से उन्हें कुछ असामान्य होने का अंदेशा हुआ।
वे इस पूरे घटनाक्रम को समझ पाते, इससे पहले ही मोबाइल पर अलग-अलग बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से रकम डेबिट होने के मैसेज आने लगे। एक के बाद एक ट्रांजेक्शन के संदेश आने से उन्हें पता चला कि उनके खातों से रकम निकाली जा रही है।
पीड़ित के अनुसार, लगातार ओटीपी और बैंकिंग से जुड़े मैसेज आने तथा कुछ ही देर में अलग-अलग ट्रांजेक्शन होने से उन्हें मोबाइल और उससे जुड़ी संवेदनशील जानकारी साइबर ठगों के नियंत्रण में पहुंचने तथा मोबाइल हैक होने की आशंका हुई। उनका कहना है कि इस दौरान मोबाइल पर आने वाले मैसेज और बैंकिंग संबंधी जानकारी भी ठगों तक पहुंच रही थी।
कुछ ही मिनटों में कई ट्रांजेक्शन उपलब्ध ट्रांजेक्शन दस्तावेजों के अनुसार, अलग-अलग माध्यमों से रकम निकाली गई। इनमें स्विगी इंस्टामार्ट को ₹83,903 और ₹73,906, जबकि जोमैटो से जुड़े कई ट्रांजेक्शन में ₹9,998-₹9,998 की राशि शामिल है। इसके अलावा जोमैटो वॉलेट से ₹9,998 का ट्रांजेक्शन भी सामने आया है। एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, पीड़ित की कुल ₹2,42,298 की राशि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में निकाली गई।
फर्जी पहचान और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के इस्तेमाल का आरोप पीड़ित ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि अज्ञात व्यक्ति ने गलत पहचान बताकर उसे विश्वास में लिया और धोखे से उसकी रकम हासिल की। शिकायत में फर्जी दस्तावेज अथवा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का इस्तेमाल किए जाने की बात भी कही गई है। एफआईआर में आरोपी को अज्ञात बताया गया है।
पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस थाना, उदयपुर में दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
लेनदेन की कड़ियों की जांच में जुटी पुलिस साइबर पुलिस अलग-अलग ट्रांजेक्शन, संबंधित UPI आईडी, बैंकिंग माध्यमों और जिन खातों/मर्चेंट्स तक राशि पहुंची, उनकी जानकारी जुटा रही है। साथ ही ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम और कथित फर्जी पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
