उदयपुर में 1997 में किए गये सम्मान से जुड़े हमारे कुछ संस्मरण”
-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हम वर्ष 1970 से 1975 के मध्य आर्यसमाज से जुड़े वा इसके सदस्य बने। आरम्भ में ही आर्यसमाज के सत्संगों में विद्वानों के उपदेश सुनना ह…
“दयानन्द” के परिणाम
-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हम वर्ष 1970 से 1975 के मध्य आर्यसमाज से जुड़े वा इसके सदस्य बने। आरम्भ में ही आर्यसमाज के सत्संगों में विद्वानों के उपदेश सुनना ह…
संसार में जितने मनुष्य हैं व अतीत में हुए हैं वह सब किसी देश विशेष में जन्में थे। उनसे पूर्व उनके माता-पिता व पूर्वज वहां रहते थे। जन्म लेने वाली सन्तान का कर्…
आर्य समाज हिरण मगरी सेक्टर- 4 की पवित्र यज्ञ शाला मे आज ऋग्वेद शतकम् का यज्ञ अनुष्ठान पुरोहित श्रीमान इन्द्र प्रकाश वैदिक के ब्रह्मत्व मे सम्पन्न हुआ जिसमे श्र…
आर्यसमाज लक्ष्मण चौक, देहरादून का दो दिवसीय 60वां वार्षिकोत्सव आज दिनांक 4-10-2026 रविवार को सोल्लास सम्पन्न हो हुआ। आज प्रातः 8.00 बजे से पांच यज्ञ-वेदियों मे…
आर्यसमाज लक्ष्मण चौक, देहरादून का 60वां दो दिवसीय वार्षिकोत्सव आज दिनांक 3 -10-2026 को सोल्लास आरम्भ हुआ। आज प्रातः 8.00 बजे से तीन बड़ी यज्ञ वेदियों में यज्ञ क…
उदयपुर। आर्य समाज हिरणमगरी, उदयपुर द्वारा विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के आधारभूत स्तंभ वेदों के प्रति जागृति लाने के उद्देश्य से अंतर विद्यालय स्तरीय सुर…
उदयपुर। आर्य समाज हिरणमगरी, उदयपुर द्वारा विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के आधारभूत स्तंभ वेदों के प्रति जागृति लाने के उद्देश्य से अंतर विद्यालय स्तरीय सुर…
उदयपुर। मलेशिया में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय लैक्रॉस प्रतियोगिता में भारतीय महिला टीम का प्रतिनिधित्व कर कांस्य पदक जीतने वाली मेवाड़ के जनजातीय अंचल की नौ प्रतिभ…
वैदिक धर्म एवं संस्कृति में यज्ञ का प्रमुख स्थान है। यज्ञ किसी भी पवित्र व श्रेष्ठ कार्य करने को कहा जाता है। मनुष्य जो शुभ कर्म करता है वह सब भी यज्ञीय कार्य …
आज हम आर्यसमाज धामावाला, देहरादून के रविवारीय साप्ताहिक सत्संग में सम्मिलित हुए। आर्यसमाज में आज प्रातः 8.00 बजे से समाज की यज्ञशाला में आर्यसमाज के विद्वान पु…
ऋषि दयानन्द के आगमन से पूर्व विश्व में लोगों को वेदों तथा ईश्वर सहित आत्मा एवं प्रकृति के सत्यस्वरूप का स्पष्ट ज्ञान विदित नहीं था। वेदों, उपनिषद एवं दर्शन आदि…
पं. चमूपति जी अपने समय 1893-1937 के आर्यसमाज के शीर्ष विद्वानों में थे। पं. जी का जन्म 15 फरवरी 1893 को बहावलपुर (पाकिस्तान) में हुआ था तथा निधन लाहौर में 15 ज…