कोटा की पत्रकारिता के कई वारिस, फिर भी लावारिस क्यों?
कोटा। जिस कोटा की पत्रकारिता कभी सत्ता के सामने सीना तानकर खड़ी होती थी, आज उसी पत्रकारिता की आवाज अपने ही घर में दबती नजर आ रही है।कभी मंत्री हो, मुख्यमंत्री …
“पत्रकार” के परिणाम
कोटा। जिस कोटा की पत्रकारिता कभी सत्ता के सामने सीना तानकर खड़ी होती थी, आज उसी पत्रकारिता की आवाज अपने ही घर में दबती नजर आ रही है।कभी मंत्री हो, मुख्यमंत्री …
जैसलमेर । सुविख्यात लोकदवता बाबा रामदेव जी के भादवा मेले के दौरान राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर एवं सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय जैसलमेर के संयुक्त तत्वावध…
उदयपुर । मेवाड़ की दिवंगत राजमाता साहिबा विजयराज कुमारी मेवाड़ के निधन पर उदयपुर राजमहल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मेवाड़ सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों,…
कोलकाता, पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदि…
उदयपुर। साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और समसामयिक विषयों को प्रभावी स्वर देने वाले उदयप…
उदयपुर, वरिष्ठ पत्रकार विष्णु शर्मा हितैषी को साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी दीर्घकालीन सेवाओं के लिए साहित्य मंडल, नाथद्वारा की ओर से सम्मानित किय…
उदयपुर। हिंदी साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रियता, उत्कृष्ट एवं मौलिक साहित्यिक लेखन तथा हिंदी भाषा की सेवा के लिए उदयपुर निवासी सत्य भूषण शर्मा को ‘हिंदी स…
मुंबई।पत्रकार सुरक्षा कानून एवं कल्याण के लिए प्रतिबद्ध अखिल भारतीय संगठन प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स पंजीकृत द्वारा आयोजित चौथे राष्ट्रीय अधिवेशन एवं सम…
लाइब्रेरी टूरिज्म एक उभरती हुई अवधारणा है, जो पुस्तकालयों को केवल पुस्तकों के अध्ययन एवं सूचना प्राप्ति के स्थान के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, साहित्य, संस्कृत…
उदयपुर। पाथेय कण संस्थान, विश्व संवाद केंद्र एवं रवींद्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, उदयपुर संयुक्त तत्वावधान में हस्तीमल व्याख्यानमाला के अंतर्गत ‘हम भ…
उदयपुर। पाथेय कण संस्थान, जयपुर, विश्व संवाद केन्द्र समिति, उदयपुर एवं रविन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘हस्तीमल व्या…
भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं होती। वह किसी समाज की स्मृतियों, संस्कारों, संवेदनाओं, विचारों और जीवन-दृष्टि को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे ले जाने वाली जीवंत धारा होती …