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Shri Ganga NagarNews

नाटक मंचन द्वारा बींझबायला में युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान

मुख्य बिंदु
  • अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरीशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत बींझबायला में युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें राष्ट्रभक्ति व शहीदों के आदर्शों से जोड़ने के उद्देश्य से जागरूकता से भरपूर नाटक का मंचन किया गया।
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से श्री विक्रम ज्याणी ने व उनकी टीम रेड आर्ट्स थिएटर ग्रुप द्वारा नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें विक्रम ज्याणी, सहीराम और लक्ष्या ज्याणी, अंशु, सौरभ सहारण ने नाटक के माध्यम से शहीद-ए-आजम भगत सिंह के विचारों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
  • मंच पर दिखाया गया कि कैसे आज का युवा नशे की गिरफ्त में फंसकर अपने सपनों और परिवार की उम्मीदों को खो देता है, जबकि शहीदों ने अपने जीवन का हर क्षण देश के लिए समर्पित किया।
  • नाटक का सबसे भावुक दृश्य वह था जब भगत सिंह व उनकी बहन की मुलाकात को दर्शाया गया।
  • इस दृश्य ने पूरे माहौल को भावनाओं से भर दिया।
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नाटक मंचन द्वारा बींझबायला में युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डाॅ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरीशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत बींझबायला में युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें राष्ट्रभक्ति व शहीदों के आदर्शों से जोड़ने के उद्देश्य से जागरूकता से भरपूर नाटक का मंचन किया गया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से श्री विक्रम ज्याणी ने व उनकी टीम रेड आर्ट्स थिएटर ग्रुप द्वारा नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें विक्रम ज्याणी, सहीराम और लक्ष्या ज्याणी, अंशु, सौरभ सहारण ने नाटक के माध्यम से शहीद-ए-आजम भगत सिंह के विचारों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।

मंच पर दिखाया गया कि कैसे आज का युवा नशे की गिरफ्त में फंसकर अपने सपनों और परिवार की उम्मीदों को खो देता है, जबकि शहीदों ने अपने जीवन का हर क्षण देश के लिए समर्पित किया।

नाटक का सबसे भावुक दृश्य वह था जब भगत सिंह व उनकी बहन की मुलाकात को दर्शाया गया। इस दृश्य ने पूरे माहौल को भावनाओं से भर दिया।

भगत सिंह की भूमिका निभाते हुए विक्रम ज्याणी ने अपने सशक्त संवाद से पूरे वातावरण को देशभक्ति से भर दिया।

उन्होंने कहा कि भगत सिंह को मारा जा सकता है, पर उसकी सोच को नहीं। बम और पिस्तौल क्रांतियां नहीं लाते, क्रांति विचार लाते हैं।

इस संवाद ने युवाओं के भीतर एक नई ऊर्जा और सोच का संचार किया। नाटक ने स्पष्ट संदेश दिया कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद करता है, जबकि शहीदों का रास्ता त्याग, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है।

कलाकारों में सहीराम और लक्ष्या ज्याणी ने भी अपने अभिनय से दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि आज का युवा किस दिशा में जा रहा है और उसे किस दिशा में जाना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में युवाओं से आह्वान किया गया कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें और अपने जीवन को एक उद्देश्य दें। शहीदों के आदर्शों को अपनाकर ही एक मजबूत और जागरूक भारत का निर्माण किया जा सकता है।