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स्वरोजगार और पारदर्शी भर्ती से युवाओं में जाग रहा विश्वास

युवाओं की मजबूत नींव से सुरक्षित हो रहा प्रदेश का भविष्य

मुख्य बिंदु
  • कोई भी घर या विशाल इमारत तभी लंबे समय तक सुदृढ़ रहती है, जब उसकी नींव मजबूत हो।
  • यही सिद्धांत समाज, राज्य और राष्ट्र पर भी लागू होता है।
  • किसी भी प्रदेश की वास्तविक ताकत उसके युवा होते हैं, जिनका सशक्त वर्तमान ही एक उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखता है।
  • भारत विश्व के सबसे युवा देशों में अग्रणी है और राजस्थान में माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इसी युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
  • इसी दूरदर्शी सोच के तहत प्रदेश में युवा नीति, कौशल नीति और रोजगार नीति लागू कर युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
  • राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार पाने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार सृजक बनाना है।
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स्वरोजगार और पारदर्शी भर्ती से युवाओं में जाग रहा विश्वास

श्रीगंगानगर । कोई भी घर या विशाल इमारत तभी लंबे समय तक सुदृढ़ रहती है, जब उसकी नींव मजबूत हो।

यही सिद्धांत समाज, राज्य और राष्ट्र पर भी लागू होता है। किसी भी प्रदेश की वास्तविक ताकत उसके युवा होते हैं, जिनका सशक्त वर्तमान ही एक उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखता है।

भारत विश्व के सबसे युवा देशों में अग्रणी है और राजस्थान में माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इसी युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इसी दूरदर्शी सोच के तहत प्रदेश में युवा नीति, कौशल नीति और रोजगार नीति लागू कर युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार पाने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार सृजक बनाना है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत युवाओं को 10 लाख रुपए तक का ऋण 100 प्रतिशत ब्याज अनुदान एवं मार्जिन मनी सहायता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस योजना के लिए 1000 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। वहीं नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक जिले में वीआईबीआरएएनटी (वेल्यू ड्राइवन इनोवेशन एण्ड बिजनेस रिसर्च फाॅर एस्पायरेशन एण्ड नर्सिंग टेलेंट) कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।

रोजगार उपलब्ध कराने के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। लगभग सवा दो वर्षों के कार्यकाल में 1 लाख 25 हजार से अधिक नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है।

इसके साथ ही आगामी वर्ष में 1 लाख 25 हजार नई भर्तियों की घोषणा की गई है। वहीं राइजिंग राजस्थान ग्लोबल समिट जैसे प्रयासों से निवेश को बढ़ावा मिला है, जिससे निजी क्षेत्र में भी व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।

भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पेपर लीक माफिया पर कठोर कार्रवाई की गई है तथा राष्ट्रीय स्तर की नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी का गठन किया जाएगा।

वहीं ग्रामीण युवाओं को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

इन केंद्रों पर कंप्यूटर, इंटरनेट, ई-लाइब्रेरी, ई-मित्र सेवाएं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों और पत्र-पत्रिकाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे युवाओं की शहरों पर निर्भरता कम होगी।

राज्य सरकार की ओर से शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के लिए महाविद्यालयों में ड्रिम (डिजिटल रिडनेस एण्ड एम्पावरमेंट थ्रो असिस्टेड मेंटोरिंग) कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसके प्रथम चरण में 50 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा।

साथ ही आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 400 विद्यालयों को सीएम-राइज (रास्थान इनोवेटिव स्कूल आॅफ एक्सेलेंस) के रूप में स्थापित किया जाएगा।

वहीं, तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए युवाओं एसटीईएम (साईंस, टेक्नोलाॅजी, इंजिनियनिंग, मेथेमेटिक्स) के प्रति रुचि बढ़ाई जा रही है।

इसी को लेकर जोधपुर स्थित स्टेट रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (एसआरएसएसी) में स्पेस गैलरी और चिल्ड्रन गैलरी का निर्माण भी प्रस्तावित है।

विशेष वर्गों के लिए भी खास योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं उनके आश्रितों के लिए मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।

वहीं घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तू समुदायों के बच्चों के लिए राज-पहल (र्पोटेबल एस्सेस फाॅर हाॅलिस्टिक एण्ड एसिस्टेड लर्निंग) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक जिले में ‘स्कूल ऑन व्हील्स‘ शुरू किया जाएगा।

इसके अलावा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए राज-सवेरा (स्टेटवाइड एंटी-ड्रग विजिलेंस, एनफोरसमेंट, रिहेबिलिटेशन एण्ड अवेरनेस) कार्यक्रम लागू किया गया है, जिसके तहत नशे के विरुद्ध निगरानी, उपचार और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

खेलों के जरिए युवाओं के भविष्य को निखानते के लिए भी राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। विभिन्न जिलों में खेल स्टेडियमों का निर्माण के साथ ही सुधार कार्य करवाए जा रहे हैं।

महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

वहीं खेलो राजस्थान यूथ गेम्स के आयोजन के लिए 50 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं तथा स्कूल खेल प्रतियोगिताओं की प्रोत्साहन राशि को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया गया है।

बहुआयामी नवाचारों और पहलों द्वारा राज्य युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। क्योंकि यहीं सशक्त युवा शक्ति राजस्थान को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने एवं विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।