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दलित एवं आदिवासी वर्ग को संबल दे रही डॉ. भीमराव अम्बेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना

मुख्य बिंदु
  • माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य के औद्योगिक विकास में पिछड़े औ वंचित वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संचालित डॉ.
  • भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना ने दलित एवं आदिवासी वर्ग के बेरोजगारों, उद्यमियों और व्यापारियों को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।
  • योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा उद्योग लगाने, विस्तार करने, विविधीकरण और आधुनिकीकरण के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध करवाया जा रहा है।
  • विनिर्माण क्षेत्र हेतु अधिकतम 10 करोड़ रुपये, सेवा क्षेत्र हेतु 5 करोड़ रुपये और व्यापार क्षेत्र हेतु 1 करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत पर ऋण सुविधा दी जा रही है।
  • जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक श्री हरीश मित्तल ने बताया कि आवेदकों को न्यूनतम अंशदान करना होता है।
  • विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र में न्यूनतम 10 प्रतिशत और व्यापार क्षेत्र में न्यूनतम 15 प्रतिशत।
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दलित एवं आदिवासी वर्ग को संबल दे रही डॉ. भीमराव अम्बेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना

श्रीगंगानगर। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य के औद्योगिक विकास में पिछड़े औ वंचित वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संचालित डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना ने दलित एवं आदिवासी वर्ग के बेरोजगारों, उद्यमियों और व्यापारियों को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।

योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा उद्योग लगाने, विस्तार करने, विविधीकरण और आधुनिकीकरण के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध करवाया जा रहा है।

विनिर्माण क्षेत्र हेतु अधिकतम 10 करोड़ रुपये, सेवा क्षेत्र हेतु 5 करोड़ रुपये और व्यापार क्षेत्र हेतु 1 करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत पर ऋण सुविधा दी जा रही है।

जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक श्री हरीश मित्तल ने बताया कि आवेदकों को न्यूनतम अंशदान करना होता है। विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र में न्यूनतम 10 प्रतिशत और व्यापार क्षेत्र में न्यूनतम 15 प्रतिशत।

श्री मित्तल ने बताया कि ऋण पर 5 वर्ष तक ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 9 प्रतिशत, 25 लाख से अधिक और 5 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 7 प्रतिशत तथा 5 करोड़ से अधिक और 10 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलता है।

इसी के साथ परियोजना लागत पर 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 25 लाख रुपए की मार्जिन मनी सब्सिडी का लाभ भी देय है। यह प्रावधान न सिर्फ राहत देता है बल्कि उद्यमियों को अपने कार्य पर ध्यान केंद्रित करने का विश्वास भी प्रदान करता है।

इस योजना का संचालन पूरी तरह ऑनलाईन है। इच्छुक आवेदक अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। यदि किसी को किसी प्रकार की कठिनाई आती है, तो वह निश्चिंत होकर किसी भी कार्यदिवस में कार्यालय जाकर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है।

यह योजना केवल वित्तीय सहयोग नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई कहानी है। यह दलित एवं आदिवासी वर्ग के युवाओं और उद्यमियों को अपने सपनों को पंख देने वाला एक सशक्त मंच है।

राज्य सरकार की यह पहल विकास और अवसर की नई इबारत लिख रही है।