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राजस्थान कृषि महाविद्यालय में मेरा संविधान-मेरा स्वाभिमान" के अंतर्गत संविधान दिवस मनाया

मुख्य बिंदु
  • 26 नवंबर 2025 को, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के राजस्थान कृषि महाविद्यालय ने "मेरा संविधान-मेरा स्वाभिमान" के अंतर्गत संविधान दिवस मनाया।
  • कार्यक्रम के दौरान छात्र कल्याण सहायक अधिष्ठाता डॉ.
  • लाखावत ने जानकारी दी कि लगभग 100 छात्रों ने संविधान उद्देशिका की शपथ ली।
  • शपथ ग्रहण के बाद डॉ लाखावत ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान की विशेषताओं के बारे में अवगत कराया।
  • हरि सिंह मीना (इंचार्ज, राष्ट्रीय सेवा योजना) जिन्होंने संविधान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, संविधान हमारे अधिकारों और कर्तव्यों को परिभाषित करता है; इसे समझना और उसका पालन करना प्रत्येक नागरिक का मूल दायित्व है” ।
  • राम नारायण कुम्हार ने बताया कि संविधान हमारे देश का सर्वोच्च कानून है जो भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करता है और सभी नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता तथा समानता की गारंटी देता है।
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राजस्थान कृषि महाविद्यालय में मेरा संविधान-मेरा स्वाभिमान" के अंतर्गत संविधान दिवस मनाया

26 नवंबर 2025 को, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के राजस्थान कृषि महाविद्यालय ने "मेरा संविधान-मेरा स्वाभिमान" के अंतर्गत संविधान दिवस मनाया। कार्यक्रम के दौरान छात्र कल्याण सहायक अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. लाखावत ने जानकारी दी कि लगभग 100 छात्रों ने संविधान उद्देशिका की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद डॉ लाखावत ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान की विशेषताओं के बारे में अवगत कराया।

डॉ. हरि सिंह मीना (इंचार्ज, राष्ट्रीय सेवा योजना) जिन्होंने संविधान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, संविधान हमारे अधिकारों और कर्तव्यों को परिभाषित करता है; इसे समझना और उसका पालन करना प्रत्येक नागरिक का मूल दायित्व है” ।

राम नारायण कुम्हार ने बताया कि संविधान हमारे देश का सर्वोच्च कानून है जो भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करता है और सभी नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता तथा समानता की गारंटी देता है। संविधान दिवस का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाना है, साथ ही संविधान के मुख्य वास्तुकार डॉ. बी.आर. अंबेडकर के महान योगदान को याद करना है। इस कार्यक्रम में अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।