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Jaislmer news

रीदवा शिविर में 3 परिवारों के मध्य हुआ आपसी सहमति से बंटवारा, मिला भूमि का असली मालिकाना हक

प्रभारी सचिव मीणा ने खातेदारों को प्रदान किये सहमति बंटवारा पत्र

मुख्य बिंदु
  • जिले मे ंचल रहे ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के मामलों में लोगों के लिए बहुत ही लाभदायी साबित हो रहे है।
  • गुरूवार को ग्राम पंचायत रीदवा में आयोजित शिविर भोजासर निवासी गंभीर सिंह, भाखर सिंह व शैतान सिंह के लिए वरदान साबित हुआ एवं वर्षों से लम्बित सामलाती भूमि का एक दिवस में आपसी सहमति से बंटवारा हो गया एवं उन्हें अपनी-अपनी हक की भूमि का असली मालिकाना मिल गया।
  • जिले के प्रभारी सचिव महावीर प्रसाद मीणा एवं तहसीलदार राजेन्द्र करण ने इन तीनों खातेदारों को अपने हाथों से सहमति बंटवारा पत्र प्रदान किया तो इनके चेहरों पर खुशी छा गई।
  • उन्होंनें इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री जी के साथ राजस्व प्रशासन का तहेदिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उनकी संवेदनशीलता शैली के कारण जहां हमारे बीच में भूमि को लेकर विवाद चलता रहता था वह हमेशा-हमेशा के लिए समाप्त हो गया एवं हमारी पीढी को भी प्रेम से रहने के लिए स्थायी समाधान कर दिया।
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रीदवा शिविर में 3 परिवारों के मध्य हुआ आपसी सहमति से बंटवारा, मिला भूमि का असली मालिकाना हक

      जैसलमेर । जिले मे ंचल रहे ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के मामलों में लोगों के लिए बहुत ही लाभदायी साबित हो रहे है। गुरूवार को ग्राम पंचायत रीदवा में आयोजित शिविर भोजासर निवासी गंभीर सिंह, भाखर सिंह व शैतान सिंह के लिए वरदान साबित हुआ एवं वर्षों से लम्बित सामलाती भूमि का एक दिवस में आपसी सहमति से बंटवारा हो गया एवं उन्हें अपनी-अपनी हक की भूमि का असली मालिकाना मिल गया।

      जिले के प्रभारी सचिव महावीर प्रसाद मीणा एवं तहसीलदार राजेन्द्र करण ने इन तीनों खातेदारों को अपने हाथों से सहमति बंटवारा पत्र प्रदान किया तो इनके चेहरों पर खुशी छा गई। उन्होंनें इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री जी के साथ राजस्व प्रशासन का तहेदिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उनकी संवेदनशीलता शैली के कारण जहां हमारे बीच में भूमि को लेकर विवाद चलता रहता था वह हमेशा-हमेशा के लिए समाप्त हो गया एवं हमारी पीढी को भी प्रेम से रहने के लिए स्थायी समाधान कर दिया।

     शिविर में इन तीनों खातेदारों के उनके हक की जमीन का जमाबंदी में अमल-दरामद कर उन्हें कागजात  सौप दिये। इस प्रकार इन तीनों खातेदारों के लिए ग्रामीण सेवा शिविर वरदान साबित हुआ वही उनकों इस कार्य के लिए तहसील स्तर पर जाकर धन खर्च कर कार्य करना पडता था लेकिन शिविर के कारण बिना धन खर्च किये उनका काम हो गया एवं जैसे कोई घर बैठे गंगा आ गई। अब वे अपनी भूमि पर केसीसी के साथ ही अन्य योजनाओं का भी फायदा लेकर भूमि को ओर अधिक उपजाउ बना सकेगें एंव अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेगें।