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Jaislmer news

भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर कृषि विभाग, जैसलमेर द्वारा ग्राम पंचायतों में विविध कार्यक्रम आयोजित

मुख्य बिंदु
  • भारत के महान जननायक एवं आदिवासी समाज के गौरव भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती (15 नवम्बर) को “जनजातीय गौरव दिवस” के रूप में मनाते है।
  • कृषि विभाग, जैसलमेर द्वारा आज जिले की 94 ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
  • इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को बिरसा मुंडा जी के जीवन से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बनने, नई तकनीकों को अपनाने एवं कृषि के क्षेत्र में नवाचार की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करना है।
  • जिले की 94 ग्राम पंचायतों में कृषि पर्यवेक्षकों एवं कृषि अधिकारियों द्वारा 7115 प्रगतिशील किसानों की उपस्थिति में निम्नलिखित गतिविधियाँ आयोजित की गईं ।
  • बिरसा मुंडा जी के जीवन व योगदान पर परिचर्चा इस दौरान ग्राम पंचायत स्तरीय सभाओं में उनके सामाजिक सुधार कार्यों एवं स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।
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भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर कृषि विभाग, जैसलमेर द्वारा ग्राम पंचायतों में  विविध कार्यक्रम आयोजित

जैसलमेर। भारत के महान जननायक एवं आदिवासी समाज के गौरव भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती (15 नवम्बर) को “जनजातीय गौरव दिवस” के रूप में मनाते है।

कृषि विभाग, जैसलमेर द्वारा आज जिले की 94 ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को बिरसा मुंडा जी के जीवन से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बनने, नई तकनीकों को अपनाने एवं कृषि के क्षेत्र में नवाचार की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करना है।

जिले की 94 ग्राम पंचायतों में कृषि पर्यवेक्षकों एवं कृषि अधिकारियों द्वारा 7115 प्रगतिशील किसानों की उपस्थिति में निम्नलिखित गतिविधियाँ आयोजित की गईं ।

बिरसा मुंडा जी के जीवन व योगदान पर परिचर्चा इस दौरान ग्राम पंचायत स्तरीय सभाओं में उनके सामाजिक सुधार कार्यों एवं स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।

कृषि योजनाओं की जानकारी एवं परामर्श शिविर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फार्म पौंड, तारबंदी, कृषि यंत्रीकरण अनुदान एवं सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं की जानकारी दी गई।

कृषि तकनीकी प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम इस अवसर पर किसानों को रबी फसलों की वैज्ञानिक बुवाई, उन्नत बीज, जैविक खाद उपयोग, जल संरक्षण तकनीक आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

किसानों को प्रोत्साहन किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सकें।