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Jaislmer news

जिला प्रशासन द्वारा ओरण,  गोचर, तालाब एवं रास्तों की भूमि संरक्षण के लिए किए गए ठोस प्रयास

मुख्य बिंदु
  • जिला प्रशासन, जैसलमेर द्वारा ओरण/ देववन भूमि, गोचर, तालाब एवं सार्वजनिक रास्तों जैसी राजस्व भूमि के संरक्षण एवं राजस्व रिकॉर्ड में उचित अंकन के लिए ठोस एवं सार्थक कदम उठाए गए हैं।
  • जिला प्रशासन पिछले चार माह में जैसलमेर शहर के आसपास स्थित कुल 31 तालाबों का तथा बिजोता एवं भीमसर की ओरण भूमि का विस्तृत राजस्व सर्वेक्षण कराया गया है, जिनका राजस्व रिकॉर्ड में अंकन अब अंतिम चरण में है।
  • इन प्रयासों का उद्देश्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि की पहचान कर उसे अतिक्रमण से मुक्त रखना एवं स्थायी रूप से संरक्षित करना है।
  • जिला प्रशासन और औरण संघर्ष समिति के साथ बैठके आयोजित हुई जिसमे हुई चर्चा अनुसार जिला प्रशासन द्वारा राजस्व अंकन से शेष ओरण, गोचर, तालाब एवं रास्तों की भूमि का भी राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट अंकन सुनिश्चित करने के लिए उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटियों का गठन कर दिया गया है।
  • ये समितियाँ मौके पर संयुक्त रूप से निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित करेगी।
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जैसलमेर। जिला प्रशासन, जैसलमेर द्वारा ओरण/ देववन भूमि, गोचर, तालाब एवं सार्वजनिक रास्तों जैसी राजस्व भूमि के संरक्षण एवं राजस्व रिकॉर्ड में उचित अंकन के लिए ठोस एवं सार्थक कदम उठाए गए हैं।

जिला प्रशासन पिछले चार माह में जैसलमेर शहर के आसपास स्थित कुल 31 तालाबों का तथा बिजोता एवं भीमसर की ओरण भूमि का विस्तृत राजस्व सर्वेक्षण कराया गया है, जिनका राजस्व रिकॉर्ड में अंकन अब अंतिम चरण में है। इन प्रयासों का उद्देश्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि की पहचान कर उसे अतिक्रमण से मुक्त रखना एवं स्थायी रूप से संरक्षित करना है।

जिला प्रशासन और औरण संघर्ष समिति के साथ बैठके आयोजित हुई जिसमे हुई चर्चा अनुसार जिला प्रशासन द्वारा राजस्व अंकन से शेष ओरण, गोचर, तालाब एवं रास्तों की भूमि का भी राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट अंकन सुनिश्चित करने के लिए उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटियों का गठन कर दिया गया है। ये समितियाँ मौके पर संयुक्त रूप से निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित करेगी।

जिला प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी सार्वजनिक प्रयोजनार्थ भूमि, विशेषकर ओरण/देववन जैसी पारंपरिक सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व की भूमि को चिन्हित कर, उनका रिकॉर्ड में दर्ज एवं संरक्षण किया जाय ।