जैसलमेर । स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार रात्रि को स्वर्ण नगरी जैसलमेर के हनुमान सर्किल स्थित नेहरू पार्क में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रौत भव्य एवं मनोहारी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रही, जबकि जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने अध्यक्षता की। मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी, उपखण्ड अधिकारी वीरेन्द्र सिंह, ग्रुप कैप्टन अभिषेक शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहे।
विद्यार्थियों ने देशभक्ति की प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मन मोह लिया
स्वतंत्रता दिवस समारोह की पूर्व संध्या पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पुलिस लाईन जैसलमेर की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत ’’सरस्वती वंदना’’ से किया गया, जिसने माहौल को भक्तिपूर्ण एवं गरिमामय बना दिया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति पर आधारित मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।
सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में प्रथम स्थान पर रहा महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय इगानप, जैसलमेर, जिसके विद्यार्थियों ने 1857 से 1947 तक हुए स्वतंत्रता का गीत विषय पर शानदार एवं प्रेरणादायक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम ने दर्शकों को स्वतंत्रता सेनानियों के अद्भुत साहस और बलिदान का एहसास कराया। वहीं, द्वितीय स्थान पर इमानुअल मिशल स्कूल जैसलमेर के बाल कलाकारों की प्रस्तुति रही, जिन्होंने 1156 ईस्वी में स्वर्ण नगरी जैसलमेर की स्थापना महारावल जैसल, 1294 ईस्वी में प्रथम साका 1900-1948 में अमर शहीद सागरमल गोपा एवं 1971 में लोंगेवाला युद्व का वर्णन... विषय पर प्रस्तुति देकर सभी को वीरता, श्रद्धा और सम्मान की भावना से भर दिया। इसी क्रम में तृतीय स्थान पर रही लिटिल हार्ट स्कूल की प्रस्तुति, जिसमें विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय प्रतीक भारत की पहचान राष्ट्र पुष्प कमल, बाघ, तिरंगा, बरगद तेरा हिमालय... को डॉयलॉग एवं जीवंत अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों की वाहवाही लूटी एवं स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जीवंत कर दिया।
विद्यार्थियों ने नाट्य, नृत्य और गीतों के माध्यम से किया भारत माता को नमन
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत जिले के अर्न्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार पद्मश्री तगाराम भील द्वारा अलगोंजा वादन प्रस्तुती द्वारा मतदान संदेश दिया गया। इसी क्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों, नाट्य प्रस्तुतियों और नृत्यों के माध्यम से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। राजकीय उमावि कुम्भार पाड़ा के छात्र एवं छात्राओं ने सांस है, जब तलक ना रुकेंगे कदम... पर आधारित रिमिक्स डॉयलॉग एवं एक्टिंग के माध्यम से उनकी वीरता को जीवंत किया। प्रस्तुति को दर्शकों की जोरदार तालियों की सराहना मिली। वहीं, विजय कुमार बल्लाणी पूर्व मरुश्री एवं स्वीप आईकन ने मतदाता जागरुकता संदेश प्रस्तुत कर सभी को मतदान के लिए प्रेरित किया।
इसी प्रकार स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा क्या मनमोैजी बेफिक्र थे, मौत पे अपनी हंसते थे... पर मार्मिक प्रस्तुति देकर दर्शकों की आंखें नम कर दीं। इसी क्रम में मिश्रीलाल सांवल राजकीय महिला महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने मतदाता जागरुकता पर अपनी शानदार नाट्य प्रस्तुति दी, जो युवाओं में ऊर्जा का संचार करती दिखी। वहीं, गांधी बाल मंदिर उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने जब जीरो दिया मेरे भारत ने, कंधों से मिलते है कंधे, कहता है पल-पल एवं मैं लड़ जाणा...पर रिमिक्स डॉयलॉग एवं एक्टिंग के माध्यम से अपनी शानदार प्रस्तुती दी।
महिपाल निजी विद्यालय के शिक्षक ने लोकतंत्र का पर्व मनाने चलो करें मतदान पर कविता पठन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार आदर्श विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने हम हैं स्वराज समाज के अधिकार, सुभाष चन्द्र बोस, देश से है प्यार तो यह कहना चाहिए...भावपूर्ण प्रस्तुती दी। वहीं लोक कलाकार आवड़ सैन ने मतदान जागरुकता पर अपनी शानदान नृत्य प्रस्तुती दी। इसी प्रकार महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय इगानप, जैसलमेर, जिसके विद्यार्थियों ने 1857 से 1947 तक हुए स्वतंत्रता का गीत... पर प्रस्तुती देकर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को जीवंत कर दिया। वहीं कन्हैयालाल सेवक ने भाया गांव-गांव में कईजो रे, घरां बैठण रो टैम कौनी थे वोट दे दईजो रै...मतदान प्रेरक गीत से सभी को मतदान जागरुकता का संदेश दिया।
सांस्कृतिक संध्या में सैंटपॉल विद्यालय जैसलमेर के विद्यार्थियों ने आदि-अग्नि-अनंत, न ठहरा था, चाणक्य संगीत, जंजीर संगीत, दृष्टि लहू की एक होकर चलो हिन्दुस्तान, वन्दे मातरम् .... देश की अखंडता और गौरव को रेखांकित किया, लिटिल हार्ट स्कूल की प्रस्तुति, जिसमें विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय प्रतीक भारत की पहचान राष्ट्र पुष्प कमल, बाघ, तिरंगा, बरगद तेरा हिमालय... के माध्यम से राष्ट्र प्रेम एकता का संदेश दिया, करणी बाल मंदिर उमावि जैसलमेर के विद्यार्थियों ने हाडी रानी की अमर गाथा विषय पर वीरांगना के रूप में नाट्य प्रस्तुति देकर सभी को हाडी रानी के शौर्य की याद दिला दी। वहीं इमानुअल मिशल स्कूल जैसलमेर के बाल कलाकारों की प्रस्तुति रही, जिन्होंने 1156 ईस्वी में स्वर्ण नगरी जैसलमेर की स्थापना महारावल जैसल, 1294 ईस्वी में प्रथम साका 1900-1948 में अमर शहीद सागरमल गोपा एवं 1971 में लोंगेवाला युद्व का वर्णन... विषय पर प्रस्तुति देकर सभी को वीरता, श्रद्धा और सम्मान की भावना से भर दिया।
सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, देशभक्ति गीतों, तथा लोकनृत्यों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम स्थल देशभक्ति के रंगों से सराबोर रहा और दर्शकों ने करतल ध्वनि से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही, दर्शकों ने भी प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना की और देशभक्ति के इस उत्सव को स्मरणीय बना दिया।
सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद रश्मि रानी द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों सहित सभी प्रतिभागी विद्यालयों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
उन्होंने इस गरिमामय एवं सफल आयोजन के लिए नगर परिषद, शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों, शिक्षकों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल संचालन विजय बल्लाणी एवं आरती मिश्रा ने किया।
इस दौरान सीडीईओ आयुक्त नगरपरिषद लजपाल सिंह सोढ़ा, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, अन्य अधिकारी, कर्मचारी सहित आमजन के साथ ही विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं मौजूद रही।
