श्रीगंगानगर। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र की बहनों ने पठानवाला स्थित ‘अपना घर’ आश्रम में निवासरत बेसहारा, समाज द्वारा परित्यक्त और शारीरिक-मानसिक रूप से अस्वस्थ आवासियों साथ आत्मीय रक्षाबंधन मनाया।
बहनों ने उनकी सूनी कलाईयों पर पवित्र रक्षा सूत्र बांधकर मुंह मीठा करवाया।
इस मानवीय और आध्यात्मिक समागम ने पूरे आश्रम परिसर को स्नेह और आत्मीयता से सराबोर कर दिया।ब्रह्माकुमारी उषा और उनकी साथी बहनों ने आश्रम की भोजनशाला तथा वार्डों में जाकर प्रत्येक आवासी का आदरपूर्वक स्वागत किया।
उन्होंने सबके माथे पर चंदन तिलक लगाया, कलाई पर पवित्र रक्षा सूत्र बांधा और उन्हें मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाया। घर-परिवार और अपनों के स्नेह से महरूम हो चुके इन भाइयों के लिए यह क्षण बेहद भावुक कर देने वाला था।
कई वृद्ध और बीमार आवासियों की आँखें इस निस्वार्थ प्रेम को देखकर छलक आईं।अपना घर आश्रम के जगीरचंद फरमा और पुरुषोत्तम नागपाल ने ब्रह्माकुमारी संस्था के इस अनूठे प्रयास की भरपूर सराहना की।
उन्होंने कहा कि सड़कों से रेस्क्यू कर लाए गए इन बेसहारा लोगों के जीवन में ऐसे उत्सव नई चेतना और जीने की उम्मीद जगाते हैं। समाज से कटे हुए इन आवासियों को परिवार जैसा स्नेह मिलना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित सेवादारों और आवासियों को प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में पिंकी, रीतू, वेदप्रकाश और कंचन बहन ने विशेष सहयोग दिया।
