श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत नशा मुक्त भारत अभियान के 6 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज में युवाओं के लिए नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम एवं ई-प्लेज (ई-शपथ) कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं युवाओं ने भाग लेकर नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, समाज और देश को नशे की समस्या से बचाने का संकल्प लिया।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि श्रीगंगानगर केवल एक शहर या जिला नहीं, बल्कि महाराजा गंगा सिंह जी के सपनों, दूरदृष्टि और मेहनत की पहचान है।
यह वह धरती है जहां कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष था।
महाराजा गंगा सिंह जी के प्रयासों से नहरों के माध्यम से पानी पहुंचा और जिस क्षेत्र को कभी रेगिस्तान का हिस्सा माना जाता था, वही धरती हरी-भरी होकर राजस्थान की समृद्ध कृषि भूमि के रूप में पहचान बनाने लगी।
जिस धरती को हमारे पूर्वजों ने पानी से सींचकर जीवन दिया, आज उसी धरती को नशे से उजड़ते हुए देखना हमारे लिए सबसे बड़ी पीड़ा है।श्री ज्याणी ने विद्यार्थियों से कहा कि श्रीगंगानगर के 100वें स्थापना दिवस का अवसर केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपनी धरती के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर संकल्प लें कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने आसपास के कम से कम एक युवा को नशे से बचाने के लिए प्रयास करेंगे।नशे से संबंधित मानसिक अथवा व्यवहारिक समस्याओं के लिए टेली मानस हेल्पलाइन 1800-89-14416 एवं 14416 पर निःशुल्क परामर्श उपलब्ध है।
नशामुक्ति हैल्पलाइन 14446 का भी उपयोग किया जा सकता है।
अंत में युवाओं को श्री सहीराम व श्री प्रवीण कुमार द्वारा सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे, अपने मित्रों एवं साथियों को भी नशे से बचने के लिए प्रेरित करेंगे तथा श्रीगंगानगर को नशामुक्त बनाने के अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
