श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डाॅ. अमित यादव एवं पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत मल्टीपर्पज राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट करने के उद्देश्य से युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि नशा केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर किया जा रहा एक गंभीर प्रहार है।
देश के वीर शहीदों ने भारत को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। आज नशे के माध्यम से हमारे युवाओं को बर्बादी के रास्ते पर धकेला जा रहा है।
जिस युवा शक्ति के कंधों पर देश के भविष्य की जिम्मेदारी है, उसी युवा शक्ति को नशे की गिरफ्त में फंसाकर कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल नशा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस सोच और उस व्यवस्था के खिलाफ है, जो हमारे बच्चों के हाथों से किताबें छीनकर उन्हें नशे की अंधेरी दुनिया में धकेल रही है।
हमें समझना होगा कि नशे की चपेट में आने वाला एक युवा केवल अपना जीवन बर्बाद नहीं करता, बल्कि अपने माता-पिता के सपनों, परिवार की खुशियों और समाज की उम्मीदों को भी तोड़ देता है।
आज समय आ गया है कि हर विद्यार्थी अपने भीतर एक संकल्प पैदा करे कि वह नशे से दूर रहेगा और अपने आसपास किसी भी व्यक्ति को नशे की ओर बढ़ने नहीं देगा।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने मित्रों की जिम्मेदारी समझें।
यदि कोई साथी नशे की ओर बढ़ रहा है, तो उसका मजाक उड़ाने या उसे अकेला छोड़ने के बजाय उसका साथ दें, उसे समझाएं और जरूरत पड़ने पर परिवार तथा विशेषज्ञों की सहायता लें।
नशे से संबंधित मानसिक अथवा व्यवहारिक समस्याओं के लिए टेली मानस हेल्पलाइन 1800-89-14416 एवं 14416 पर निःशुल्क परामर्श उपलब्ध है।
नशामुक्ति हैल्पलाइन 14446 का भी उपयोग किया जा सकता है।युवा संवाद के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे से बचाव का सबसे प्रभावी रास्ता जागरूकता, सकारात्मक संगति, खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियां और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण है।
जीवन में असफलता, तनाव या किसी समस्या का समाधान नशा नहीं, बल्कि साहस और सही मार्गदर्शन है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा गया कि युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।
यदि युवा जागरूक, स्वस्थ और नशामुक्त होंगे, तो देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अंत में श्री सहीराम द्वारा सामूहिक शपथ दिलाई गई।
सभी ने संकल्प लिया कि जीवन में कभी नशा नहीं करेंगे।
