कोटा। विश्व पर्यटन दिवस पर कोटा में रविवार को ऑन लाइन राज्य स्तरीय पर्यटन संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संस्कृति,साहित्य, मीडिया फोरम की ओर से आयोजित संगोष्ठी के संयोजक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल ने प्रारंभ में सभी का स्वागत करते हुए बताया कि इस वर्ष पर्यटन विकास की थीम पर्यटन को फिर से डिज़ाइन करने के लिए डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग रखा गया है।
इसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर यात्रियों को सहज और बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाना है। पर्यटन की थीम से विश्व पर्यटन को अधिक से अधिक लोगों से जोड़ना है।
ए आई से कई केंद्र और राज्य सरकारों ने यात्री सुविधाएं आरामदेह बनाने और अपनी पर्यटन नीतियों और कार्यक्रमों को पुन: डिजाइन करने का कार्य प्रारम्भ कर दिया है।
इस थीम पर कार्य करते हुए राजस्थान भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थान दिखाने के लिए सक्रिय हैं।
सार्वजनिक पुस्तकालय -कोटा संभाग के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा इंटरनेट और स्मार्टफोन ने जहाँ पर्यटन को पहले ही आसान बनाया है, वहीं अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर्यटन की पूरी व्यवस्था को एक नए दौर में ले जाने की क्षमता रखती है।
आने वाले समय में ए आई सभी यात्री सेवाओं को एकीकृत करके पर्यटक के लिए व्यक्तिगत डिजिटल यात्रा सहायक की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने पुस्तकालय पर्यटन की आधुनिक अवधारणा पर पर भी विस्तार से विचार व्यक्त किए।
राजस्थान तकनीकी विश्विद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने कहा कि ए आई का के उपयोग से एक अच्छा पर्यटक यात्री बनने भी मदद मिलेगी। पर्यटन विकास की दिशा में एक अच्छा यात्री बनने के लिए जरूरी है कि पर्यटन शिक्षा को सभी सरकारें आवश्यक रूप से पाठ्यक्रम में शामिल करें। कई देशों में ऐसा किया जा चुका है और भारत में इस दिशा में पहल स्वागत योग्य है।
भारतीय रेल सेवा के सेवा निवृत इंजीनियर अनुज कुच्छल ने कहा कि आधुनिक, सुरक्षित, पारदर्शी और पर्यटक-केंद्रित बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन बुकिंग, स्मार्ट गाइड, ए आई चैटबॉट, वर्चुअल टूर, बहुभाषी सहायता एवं डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं को विस्तार देने की दिशा में कार्य किया जाएगा। ए आई का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग व्यक्तिगत पर्यटन योजना तैयार करने में कर सकेंगे ।
साहित्यकार विजय जोशी ने पर्यटन और भारतीय संस्कृति के साथ मनोरंजन, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ए आई का लाभ स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्प, होम-स्टे, छोटे होटल, स्थानीय परिवहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल सकता है। पर्यटक बढ़ेंगे, स्थानीय व्यवसाय बढ़ेंगे, रोजगार बढ़ेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने एडवेंचर टूरिज्म के बढ़ते क्रेज की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि ए आई का उपयोग करते समय सावधानी भी बरतनी होगी।
प्रत्येक जानकारी सही हो, यह जरूरी नहीं है। ऐतिहासिक तथ्यों, कीमतों, मौसम, मार्ग और स्थानीय सूचनाओं में त्रुटि संभव है।
इसके अतिरिक्त पर्यटक के व्यक्तिगत आँकड़े, स्थान, पसंद और यात्रा इतिहास की गोपनीयता भी महत्वपूर्ण विषय होंगे। इसलिए भविष्य का पर्यटन कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित होने के साथ-साथ मानवीय सत्यापन और गोपनीयता के प्रति सजग भी होना चाहिए।
वन्यजीव प्रेमी विजय प्रकाश माहेश्वरी ने पर्यटन में वन्यजीव अभयारण्यों का महत्व प्रतिपादित कर कहा कि आज पर्यटन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे बढ़ावा देने में ए आई से इन्हें अधिक आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया जा सकेगा।
सलूंबर की बाल साहित्यकार डॉ. विमला भंडारी ने कहा कि पर्यटन बच्चों में जिज्ञासा बढ़ता है और सोचने समझने का प्रबल माध्यम बनता है। पर्यटन बच्चों में समय,यात्रा का प्रबंधन, सहकार भावना, आपात समय में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। इसमें ए आई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
झालावाड़ के इतिहासविद ललित शर्मा ने राजस्थान के हाड़ौती अंचल की भव्य पुरासंपदा की विस्तार से जानकारी देते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा इस दिशा में तेजी से प्रयास नहीं किए गए तो यह संपदा नष्ट हो जाएगी। ए आई से इसके संरक्षण की योजना बनाई जानी चाहिए। इतिहासविद डॉ. सुषमा आहूजा ने पर्यटन में परम्परागत लघु चित्र शैलियों की भूमिका और इतिहासविद फिरोज़ अहमद में हाड़ौती में पर्यटन पर विचार व्यक्त किए।
साहित्यकार श्वेता शर्मा ने पर्यटन विकास में विभिन्न प्रांतों की वेशभूषा का महत्व, राम मोहन कौशिक ने पर्यटन में सहायक परिवहन माध्यम, विजय कुमार शर्मा ने लजीज व्यंजनों का पर्यटन विकास में महत्व, संदीप द्विवेदी ने धार्मिक पर्यटन और मंदिरों की पर्यटन में भूमिका ,डॉ. कृष्णा कुमारी ने पर्यटन यात्राओं का महत्व, देवेंद्र सक्सेना ने देश के संगीत समारोहों की भूमिका,राजेंद्र कुमार जैन ने जैन मंदिरों की भूमिका, शिक्षाविद् .राजेंद्र कुमार निर्मल ने विश्व पर्यटन में बूंदी का स्थान पर विचार व्यक्त किए ।
अंत में फोरम की सह संयोजक डॉ. वैदेही गौतम ने सभी का आभार व्यक्त किया।
