कोटा ! संस्कृति,साहित्य,मीडिया फोरन कोटा द्वारा विश्व पर्यटन दिवस के संदर्भ में नागरिकों में पर्यटन के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने और पर्यटन से जोड़ने के लिए जागरूकता पखवाड़े का आयोजन किया गया।
फोरम के संयोजक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल ने बताया कि इस दौरान पर्यटन संबंधी संगोष्ठी,आलेख लेखन, पर्यटन विरासत के फोटो पहचान प्रश्नोत्तरीतथा वन्यजीव अभयारण्यों के महत्व पर फोटो प्रतियोगिताएं आयोजित की गई।
इन प्रतियोगिताओं में करीब 100 से अधिक नागरिकों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों ने भाग लिया।
वन्यजीव अभयारण्यों का पर्यटन में महत्व विषय को लेकर आयोजित कोटा संभागीय वन्यजीव फोटो प्रतियोगिता में 39 शौकिया फोटोग्राफर ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता के संयोजक वन्य जीव और पर्यावरण प्रेमी विजय प्रकाश माहेश्वरी रहे।
जानेमाने वन्यजीव फोटोग्राफर सुनील सिंघल एवं मनीष आर्य निर्णायक रहे।
प्रतियोगिता में कु.धारा जेठी प्रथम, सी. एस. श्रीवास्तव एवं डाॅ. हर्षित शर्मा संयुक्त रूप से द्वितीय, डा.अंशु शर्मा तृतीय, आदिल सैफ चतुर्थ एवं अभय सिंह राठौड़ और सुनील पारीक संयुक्त रूप से पंचम स्थान पर रहे।
प्रोत्साहन के लिए शशि कान्त शर्मा, नितिन जांगिड़ एवंचिराग सिंघल चयनित किए गए।
सह संयोजक डॉ. वैदेही गौतम ने बताया कि पर्यटन ,विरासत, हस्तशिल्प, वेशभूषा आदि के फोटो पहचाने प्रतियोगिता में 80 लोगों में भाग लिया।
सर्वाधिक प्रश्नों के उत्तर के क्रम में प्रथम स्थान पर सुलोचना शर्मा बूंदी ,धर्मेंद्र कुमार पाल, प्रद्युम्न कुमार,,अंजना मनोज गर्ग विजय प्रकाश माहेश्वरी , डॉ. मोहिनी गुप्ता गौरव राठौर, सरोला,अंजना भालेराव, डॉ. युगल सिंह, मुकुल शर्मा, रश्मि वैभव गर्ग, राम मोहन कौशिक,राजेश कुमार शर्मा भवानीमंडी, डॉ. इंदु बाला शर्मा, अरुणा चतुर्वेदी, बूंदी, विजय कुमार शर्मा , सुनील कुमार राठौर भवानीमनाडी, डॉ.अपर्णा पाण्डेय एवं राम मोहन कौशिक रहे।
द्वितीय स्थान पर श्वेता शर्मा ,पूरण मल सेन एवं अनिल दीक्षित रहे।
पर्यटन को फिर से डिज़ाइन करने के लिए डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग विषय पर ऑन लाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें देश के 15 प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के पर्यटन में उपयोग पर अपने विचार रखे। कई पर्यटन प्रेमियों से पर्यटन के विभिन्न पहलुओं पर आलेख लिखवाएं।
