बांसवाड़ा। विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की राजस्थान प्रान्त संगठक शीतल दीदी ने कहा है कि नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति की मूल चेतना, जीवन-मूल्यों एवं संस्कारों से जोड़ना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अपनी गौरवशाली परम्पराओं और सांस्कृतिक विरासत का भावी पीढ़ी तक प्रभावी संवहन सुनिश्चित करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सामूहिक एवं सुनियोजित प्रयास करने होंगे।
शीतल दीदी बुधवार को गायत्री मण्डल बांसवाड़ा द्वारा संचालित श्री पीताम्बरा आश्रम में आयोजित मासिक आध्यात्मिक चेतना समागम को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की गतिविधियों एवं उसके बहुआयामी उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केन्द्र द्वारा विशेष रूप से जनजाति क्षेत्रों में विभिन्न बहुद्देश्यीय प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रकल्पों के माध्यम से शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के जागरूक एवं संवेदनशील लोगों की सक्रिय सहभागिता से इन प्रयासों को और अधिक व्यापक तथा प्रभावी बनाया जा सकता है।
शीतल दीदी ने गायत्री मण्डल बांसवाड़ा द्वारा संचालित धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सनातन चेतना से जुड़े विविध कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, परम्पराओं और जीवन-मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने इन गतिविधियों को और अधिक गति एवं व्यापकता प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर गायत्री मण्डल की ओर से किरण भट्ट, पुष्पा व्यास एवं आचार्य योगिता व्यास ने शीतल दीदी का उपरणा एवं शॉल ओढ़ाकर आत्मीय अभिनन्दन किया। वक्ताओं ने राजस्थान में विवेकानन्द केन्द्र की गतिविधियों एवं योजनाओं के प्रभावी संचालन को समाज जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
गायत्री मण्डल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिमेष पुरोहित ने कहा कि विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की विभिन्न रचनात्मक एवं सेवा गतिविधियों में गायत्री मण्डल की ओर से हरसंभव सहयोग और सक्रिय सहभागिता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में विवेकानन्द केन्द्र से जुड़े विभिन्न आयोजन एवं गतिविधियां श्री पीताम्बरा आश्रम में भी आयोजित की जाएंगी।
विवेकानन्द केन्द्र के बांसवाड़ा जिला व्यवस्था प्रमुख कमलकान्त भट्ट ने जिले में संचालित केन्द्र के विभिन्न प्रकल्पों एवं गतिविधियों की विस्तार से जानकारी देते हुए समाज के अधिकाधिक लोगों से इन रचनात्मक प्रयासों से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के आरंभ में गायत्री मण्डल के कार्यकर्ताओं चन्द्रेश व्यास, राजेन्द्र जोशी, मधुसूदन व्यास, हर्षित सोनी, अनिल पण्ड्या एवं ललित आचार्य ने अतिथियों का स्वागत किया।
