उदयपुर। त्रिशला जागृति मंच की ओर से हिरण मगरी सेक्टर 11 स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पर आयोजित ‘‘कुन्दकुन्द संवाद’’ नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति श्रीमती डोली जैन, श्रीमती रुचिता जैन एवं श्रीमती ज्येति जैन के द्वारा संवादात्मक शैली में प्रस्तुत की गई।
मंच अध्यक्ष डॉ. किरण जैन ने बताया कि कुन्दकुन्द संवाद की प्रस्तुति ने इस साश्वत सत्य की ओर ध्यान आकर्षित किया कि संसार में मनुष्य बाहरी उपलब्धियों और भौतिक पदार्थों में सुख खोजता रहता है। जबकि वास्तविक आध्यात्मिक यात्रा स्वयं को जानने और अपनी आत्मिक शुद्धता को पहचानने से होती है।
संवाद की पात्र डोली जैन ने बताया कि धर्म केवल बाहरी क्रियाओं, अनुष्ठानों अथवा परंपराओं तक सीमित नहीं है बल्कि उसका वास्तविक उद्येश्य अपने विचारों में परिवर्तन, आत्मस्वरुप का बोध और राग द्वेष से निवृŸा होने की भावना को जागृत करता है।
रुचिता जैन ने बताया कि आचार्य कुन्दकुन्द देव की विचारधारा को जनमानस तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास है, ऐसी प्रस्तुतियां धार्मिक सिद्धांतो को केवल सुनने तक सीमित ना रखकर, उनके मर्म को समझने और जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।
ज्योति जैन ने बताया कि कुन्दकुन्द संवाद का मूल संदेश यही है कि आत्मा बाहरी संसार में भटकने के स्थान पर अपने भीतर झांककर और अपने वास्तविक स्वरुप को पहचानकर आत्म कल्याण के मार्ग पर अग्रसर हो, यही आत्म जागृति जैन दर्शन की आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण आधार है।
इस अवसर पर मंच अध्यक्ष डॉ. किरण जैन, महामंत्री पूनम जैन, काष्ेााध्यक्ष ललिता अखावत, आशा सिंघवी, मीनाक्षी दामावत, भारती भोरावत, अनिता पंचोली, आशा संगावत, मधु भोरावत, खुशबू सिंघवी, सरोज जैन, अनिता जैन, विशाखा जैन, शिल्पा संगावत, तमन्ना संगावत, संगीता मेहता सहित बडी संख्या में महिला पदाधिकारी उपस्थित रही।
कार्यक्रम को संचालन मंच अध्यक्ष डॉ. किरण जैन ने किया एवं विशाखा जैन ने आभार ज्ञापित किया।
