जैसलमेर | जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना (पीई) को सुचारू एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
डिजिटल माध्यम से होने वाली इस प्रक्रिया में आंकड़ों की शुद्धता, निगरानी एवं गोपनीयता की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी। इसी तैयारी के तहत जिला प्रशासन की ओर से जनगणना के द्वितीय चरण को लेकर तकनीकी एवं नियमित सहायकों का दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल के निर्देशन में शनिवार को कान्फ्रेंस हॉल कार्यालय उपनिदेषक, कृषि एवं पदेन परियोजना (आत्मा), जैसलमेर में प्रशिक्षण संपन्न हुआ। उप जिला जनगणना अधिकारी एवं उपनिदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग राजेंद्र मेघवाल ने बताया कि जनगणना का कार्य पूर्ण शुद्धता, पारदर्शिता एवं गोपनीयता के साथ संपन्न करवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्व-गणना का विकल्प नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा प्रदान करेगा। इसके तहत निर्धारित 40 प्रश्नों के माध्यम से आवश्यक आंकड़ों का संकलन किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान जिला समन्वयक एवं मास्टर ट्रेनर, जनगणना कार्य निदेशालय, जयपुर के लोकेष सिंह शेखावत एवं वीरेंद्र मिश्रा ने सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से जनगणना कार्य की निगरानी, पीई मोबाइल ऐप के उपयोग, डेटा सुरक्षा एवं गोपनीयता संबंधी मानकों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही फील्ड में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं एवं उनके समाधान के बारे में भी बताया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना के आंकड़े केवल आबादी की संख्या तक सीमित नहीं रहते, बल्कि ये विभिन्न योजनाओं के निर्माण एवं संसाधनों के नियोजन का आधार भी बनते हैं। तकनीकी सहायकों को निर्धारित प्रक्रियाओं का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए गए, ताकि जनगणना का कार्य व्यवस्थित, त्रुटिरहित एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सके।
इस अवसर पर जिला जनगणना प्रकोष्ठ से मगाराम नाई, विरेंद्र सिंह, राहुल सहित चार्ज स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
