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गजसिंहपुर बालिका विद्यालय में नशा मुक्त समाज में नारी की भूमिका पर कार्यशाला

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ.

मुख्य बिंदु
  • अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत गजसिंहपुर बालिका विद्यालय में “नशा मुक्त समाज में नारी की भूमिका” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
  • कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं, बालिकाओं और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना रहा।
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी कहा कि नारी परिवार और समाज की प्रथम शिक्षिका होती है।
  • यदि महिलाएं नशे के प्रति जागरूक रहें और परिवार के सदस्यों को सही मार्गदर्शन दें, तो समाज को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
  • नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है।
  • यह घर की खुशियां, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और रिश्तों को धीरे-धीरे नष्ट कर देता है।
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गजसिंहपुर बालिका विद्यालय में नशा मुक्त समाज में नारी की भूमिका पर कार्यशाला

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत गजसिंहपुर बालिका विद्यालय में “नशा मुक्त समाज में नारी की भूमिका” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं, बालिकाओं और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना रहा।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी कहा कि नारी परिवार और समाज की प्रथम शिक्षिका होती है।

यदि महिलाएं नशे के प्रति जागरूक रहें और परिवार के सदस्यों को सही मार्गदर्शन दें, तो समाज को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है। यह घर की खुशियां, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और रिश्तों को धीरे-धीरे नष्ट कर देता है।

कई परिवार अपने प्रियजनों को नशे के कारण खो देते हैं और अनेक बच्चे अपने माता-पिता की गलत आदतों का दर्द सहने को मजबूर होते हैं।

ऐसे में महिलाओं की सजगता, ममता और दृढ़ इच्छाशक्ति परिवार को टूटने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।यदि मां अपने बच्चों से खुलकर संवाद करे, उनकी संगति और व्यवहार पर ध्यान दे तथा उन्हें संस्कार, आत्मविश्वास और सही दिशा प्रदान करे, तो वे नशे जैसी बुराई से दूर रह सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने, अपने मित्रों को भी जागरूक करने तथा परिवार और आसपास के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि नशे से बचाव केवल भाषणों या अभियानों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जीवन का संकल्प बनाना होगा।

किसी व्यक्ति के नशे की ओर बढ़ते कदम दिखाई दें तो उसका उपहास करने के बजाय प्रेम, सहानुभूति और समझदारी से उसे सही मार्ग पर लाने का प्रयास करना चाहिए।

समय पर मिला सहयोग और अपनापन किसी का जीवन बचा सकता है।कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों को श्री प्रवीण कुमार व श्री सहीराम ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इससे बचाने की शपथ दिलाई।

प्रधानाचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि जब घर की महिलाएं जागरूक होंगी, युवा जिम्मेदारी समझेंगे और विद्यालय संस्कार एवं चेतना का केंद्र बनेंगे, तभी नशामुक्त समाज का सपना साकार होगा।