उदयपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के मंत्र ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ की अवधारणा को केंद्र में रखकर उदयपुर में 2 से 5 अक्टूबर तक होने वाले चार दिवसीय स्वदेशी मेले ने आकार लेना शुरू कर दिया है।
मेले के लिए आरसीए मैदान में डोम बनना शुरू हो गए हैं।
मेले में स्थानीय उत्पादों को लेकर अपना स्टॉल लगाने वालों का उत्साह लगातार बना हुआ है और स्टॉल्स की बुकिंग निरंतर जारी है।मेले की अंतिम तैयारियों को लेकर मेला संयोजक समिति की बैठक मेला संयोजक मनोज जोशी एवं राजकुमार शर्मा के सान्निध्य में हुई।
संयोजक जोशी ने कहा कि यह मेला स्थानीय उद्योग, स्वदेशी उत्पाद, उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने के साथ नागरिकों में स्थानीय उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनेगा।बैठक में मेला कार्यालय प्रमुख बृज मोहन भाटी, सुरेश मेनारिया, सोशल मीडिया एवं मार्केटिंग संयोजक पुल्किता जोशी, मेला सुरक्षा प्रमुख उमा प्रताप सिंह, महेंद्र सिंह, विवेक भटनागर, जितेंद्र चौधरी, अमरसिंह सहित मेला संयोजक समिति के सदस्य मौजूद रहे।
महिला समिति की ओर से अनिता जोशी, उपासना, सोनिया सहित अन्य महिला कार्यकर्ताओं ने भी सहभागिता की।मेला मीडिया प्रवक्ता डॉ. अवनीश व्यास ने बताया कि आरसीए ग्राउंड में विभिन्न डोम का निर्माण कार्य द्रुत गति से चल रहा है।
उदयपुर लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के प्रतिनिधि एवं मेला संयोजक मनोज जोशी ने भी निर्माण कार्य का अवलोकन किया।डोमवार समितियां संभालेंगी व्यवस्थाएं—मेले में बनाए जा रहे अलग-अलग डोम की व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियों और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया है।
संबंधित समितियां अपने-अपने डोम में उद्यमियों, व्यापारियों और आगंतुकों की सुविधाओं की निगरानी करेंगी।
प्रवेश, सुरक्षा, पेयजल, आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।स्थानीय उद्योग और स्वदेशी उत्पादों को मिलेगा मंच—स्वदेशी मेला-2026 में उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों के लघु एवं मध्यम उद्यमियों, कुटीर उद्योगों, महिला उद्यमियों तथा विभिन्न स्वदेशी उत्पादों को व्यापक मंच मिलेगा।
मेले में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों और प्रतिष्ठानों की सहभागिता रहेगी।
