श्रीगंगानगर, जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं पुलिस अधीक्षक श्री हरीशंकर के नेतृत्व में नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज श्रीगंगानगर में जिला प्रशासन एवं एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के सहयोग से नशा मुक्ति जागरूकता वर्कशॉप आयोजित की गई।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी के साथ ड्रोन के माध्यम से विस्फोटक सामग्री भेजे जाने जैसी घटनाएं देश की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं।
हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारे जागरूक युवा हैं। तुम्हारी एक ‘ना’ नशे के खिलाफ इतनी बड़ी ताकत बन सकती है कि नशे का पूरा कारोबार कमजोर पड़ जाए।
श्री विक्रम ज्याणी ने विद्यार्थियों से अपील की कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है।
प्रत्येक विद्यार्थी को अपने मित्रों, परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदार बनना होगा।उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान जागरूकता का केंद्र बने और विद्यार्थी नशे से दूर रहने के साथ दूसरों को भी इसके दुष्परिणाम समझाएं।
युवाओं को अपने सपनों, परिवार के विश्वास और देश के भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम में एएनटीएफ की और से कांस्टेबल जया ज्याणी ने एएनटीएफ के एक वर्ष के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई करने वाली एजेंसियों ने तस्करों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने का संकल्प दिखाया है।आईजी श्री विकास कुमार के नेतृत्व में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध किए जा रहे प्रयासों ने तस्करों को कड़ा संदेश दिया है।
उन्होंने कहा, एएनटीएफ के एक वर्ष के सफर ने यह विश्वास मजबूत किया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और समाज का सहयोग मिले, तो नशे के कारोबार की जड़ों को हिलाया जा सकता है।
जया ज्याणी ने विद्यार्थियों से कहा कि नशे के विरुद्ध आवाज उठाने से पीछे न हटें। यदि कहीं नशे की तस्करी या युवाओं को नशे की ओर धकेलने की जानकारी मिले, तो स्वयं जोखिम उठाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को जनसहयोग से और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। जागरूक परिवार, जिम्मेदार विद्यार्थी और सतर्क समाज ही नशामुक्त श्रीगंगानगर की मजबूत नींव हैं।
