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हिंदी दिवस पखवाड़े में साहित्यिक एवं बौद्धिक प्रतिभाओं ने दिखाई रचनात्मकता

स्वरचित काव्य, निबंध, श्रुतिलेखन एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित—आगामी समारोह में प्रतिभागियों का होगा सम्मान

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हिंदी दिवस पखवाड़े में साहित्यिक एवं बौद्धिक प्रतिभाओं ने दिखाई रचनात्मकता

कोटा। हिंदी भाषा के प्रति प्रेम, रचनात्मक अभिव्यक्ति और साहित्यिक-बौद्धिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय, कोटा द्वारा हिंदी दिवस पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं।

पुस्तकालय द्वारा आयोजित स्वरचित काव्य लेखन, निबंध लेखन, श्रुतिलेखन एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों की रचनात्मकता, भाषा की शुद्धता, मौलिक चिंतन, विषय-वस्तु, अभिव्यक्ति एवं प्रस्तुति सहित निर्धारित मापदंडों के आधार पर निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकन किया गया।

स्वरचित काव्य लेखन में स्नेहल एवं सानिध्य संयुक्त प्रथम स्वरचित काव्य लेखन प्रतियोगिता में सुश्री स्नेहल शर्मा एवं श्री सानिध्य व्यास ने समान अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। सुश्री मंगला कुमारी द्वितीय तथा सुश्री कशिश लोधा तृतीय स्थान पर रहीं। श्री हर्षित प्रजापति को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।

निबंध लेखन में शिवम् शर्मा प्रथम निबंध लेखन प्रतियोगिता में श्री शिवम् शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्री निहल कछावा एवं श्री सानिध्य व्यास संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि श्री शिव प्रताप सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। श्री लोकेन्द्र सिंह गुर्जर को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

श्रुतिलेखन में सानिध्य शर्मा अव्वल श्रुतिलेखन प्रतियोगिता में श्री सानिध्य शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सुश्री कशिश लोधा द्वितीय तथा श्री शिवम् शर्मा तृतीय स्थान पर रहे। श्री विजय शर्मा को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।

वाद-विवाद में दीक्षा नागर प्रथम वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने समसामयिक विषय पर प्रभावी तर्क, तथ्य एवं अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में सुश्री दीक्षा नागर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्री शिवम् शर्मा द्वितीय तथा सुश्री रिया श्रृंगी तृतीय स्थान पर रहीं। श्री ओंकार को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।

पुस्तकालय बना साहित्यिक प्रतिभाओं के मंच का केंद्र राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय, कोटा के नोडल अधिकारी एवं संभागीय पुस्ताकालय अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पुस्तकालयों की भूमिका केवल पुस्तकों के संग्रह एवं पठन-पाठन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सृजनात्मकता, संवाद, चिंतन और सांस्कृतिक चेतना के विकास के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं।

हिंदी दिवस पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं पाठकों को हिंदी के साथ जोड़ते हुए उनकी रचनात्मक एवं अभिव्यक्तिगत क्षमताओं को मंच प्रदान करना है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं में प्राप्त उत्साहजनक सहभागिता इस बात का संकेत है कि नई पीढ़ी में हिंदी के प्रति रुचि को रचनात्मक गतिविधियों और आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।