उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के क्लिनिकल मनोविज्ञान एवं मनोचिकित्सा विभाग द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का आयोजन किया गया। समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करने और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित इस सप्ताह में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
क्लिनिकल मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक सालवी ने बताया कि सात दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के अंतर्गत विशेष रूप से सामुदायिक जन-जागरूकता अभियान के साथ ही विद्यालय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों से लेकर आम नागरिकों तक पहुँच बनाने के लिए विभिन्न रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन सभी का मुख्य लक्ष्य समाज के विभिन्न वर्गों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग करना था।
मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के दौरान विशेषज्ञों की टीम ने सेमिनार और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से मनोवैज्ञानिक समस्याओं जैसे एंग्जायटी, डिप्रेशन, और परीक्षा का तनाव की समय रहते पहचान करना आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही युवाओं में भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने और तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए गए।
इस जन-जागरूकता अभियान में विभाग की विशेषज्ञ डॉ.प्रेरणा शर्मा, पिंकी त्रिवेदी तथा एम.फिल. (मनोविज्ञान) के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। एम.फिल के विद्यार्थियों ने फील्ड और स्कूलों में जाकर लोगों की मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया और काउंसलिंग के वास्तविक महत्व को समझाया।
क्लिनिकल मनोविज्ञान विभाग की डॉ.प्रेरणा शर्मा ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, सामुदायिक स्तर पर लोगों की सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करने और मनोविज्ञान से जुड़े ज्ञान व सेवाओं को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुँचाने के लिए विभाग प्रतिबद्ध रहेगा।
