उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) और असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) के क्षेत्र में इंडियन सोसायटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन के तत्वावधान में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘एंब्रियोलॉजी इसार 2026’ (पर्लरू प्रोग्रेस इन एंब्रियोलॉजी- एडवांसेज, रिसर्च एंड लर्निंग) का आयोजन 18 से 20 सितंबर तक होटल मैरियट में किया जाएगा।
इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देशभर से प्रख्यात एंब्रियोलॉजिस्ट, क्लिनिशियन, वरिष्ठ गाइनेकोलॉजिस्ट और शोधकर्ता शिरकत कर बांझपन निवारण, भ्रूण संवर्धन और प्रजनन विज्ञान से जुड़े अत्याधुनिक अनुसंधानों पर गहन मंथन करेंगे।सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहीं इसार की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीता तांदुलवाडकर ने बताया कि आईवीएफ के पूरे चक्र में अब लैब का काम केवल पर्दे के पीछे तक सीमित नहीं रह गया है।
आज एक असफल चक्र और एक स्वस्थ नवजात शिशु के जन्म के बीच का अंतर एंब्रियोलॉजी लैब में लिए जाने वाले वैज्ञानिक निर्णयों पर टिका होता है।
सही गैमीट चयन से लेकर श्रेष्ठ ब्लास्टोसिस्ट के ट्रांसफर तक हर पड़ाव पर लैब की भूमिका निर्णायक हो चुकी है।इसार एंब्रियोलॉजी के चेयरमैन डॉ.केशव मल्होत्रा ने कहा कि आगामी पांच वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , ऑटोमेशन और जवाबदेही भ्रूण विज्ञान का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहे हैं।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य रटे-रटाए तरीकों से आगे बढ़कर यह समीक्षा करना है कि कौन-सी वैज्ञानिक पद्धतियां कसौटी पर खरी उतरती हैं और किनमें बदलाव की जरूरत है।आयोजन सचिव डॉ. मनीषा वाजपेयी ने बताया कि सम्मेलन के पहले दिन शुक्रवार, 18 सितंबर को सुबह 9 बजे से कुल 9 प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाएं आयोजित होंगी।
इनमें भ्रूण संवर्धन प्रणाली,ओवेरियन स्टिमुलेशन से एम्ब्रायो ट्रांसफर की मास्टरक्लास, मेल इनफर्टिलिटी, प्री-आईवीएफ वर्कअप, एआरटी में जेनेटिक्स और नए एआरटी व सरोगेसी कानूनों की कानूनी पेचीदगियों पर सत्र होंगे।
इसके साथ ही अत्याधुनिक विट्रिफिकेशन,माइक्रोमैनिप्युलेशन आधारित आईसीएसआई तथा एम्ब्रायो बायोप्सी पर विशेष हैंड्स-ऑन वर्कशॉप्स आयोजित की जाएंगी, जहां प्रतिभागी नवीनतम लेजर तकनीकों, ट्यूबिंग, माइक्रोडिसेक्शन और सिमुलेटर पर लाइव अभ्यास करेंगे।
शाम को हेरिटेज वॉक, रैंप वॉक और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा।आयोजन सचिव डॉ. मनीषा ने बताया कि 19 सितंबर को निःसंतान दंपतियों में उम्मीद जगाने के संदेश के साथ ‘वॉक फॉर होप’ वाकाथन का भी आयोजन किया जाएगा।
सम्मेलन में 19 व 20 सितंबर को विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा।सम्मेलन में भ्रूण चयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अनुभवी एंब्रियोलॉजिस्ट की राय अलग हो, तब क्लिनिशियन को क्या निर्णय लेना चाहिए?
विषय पर प्रख्यात विशेषज्ञों के बीच डिबेट के साथ ही ऑटोमेटेड विट्रिफिकेशन, टाइम-लैप्स मॉर्फाेकाइनेटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक विटनेसिंग जैसे सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन में बार-बार आईवीएफ विफलता, नॉन-इनवेसिव पीजीटी और जेनेटिक टेस्टिंग के व्यावहारिक पहलुओं पर केस-आधारित पैनल प्रस्तुत किए जाएंगे।इस तीन दिवसीय सम्मेलन के आयोजन को सफल बनाने के लिए इसार नेशनल और राजस्थान चौप्टर की पूरी टीम में इसार मानद महासचिव डॉ.आशीष काले, प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉ. माधुरी पाटिल, राजस्थान इसार चेयरपर्सन डॉ.गुंजन जैन,सचिव डॉ. विभा गर्ग सहित डॉ.सुजाता कर, डॉ.ऋषिकेश पाई, आयोजन सचिव डॉ. मनीषा वाजपेयी व अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है।
