मुख्य सामग्री पर जाएँ
बुधवार, 30 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Pacific Group

विश्व हृदय दिवस पर पीएमसीएच की ओर से, बीएसएफ कैंपस में चिकित्सा जागरूकता कार्यक्रम

जवानों को दिए स्वस्थ हृदय के मंत्र

मुख्य बिंदु
  • विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 129 वीं वाहिनी (शौर्य चक्र बटालियन) कैम्पस में जवानों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक विशेष चिकित्सा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
  • देश की सीमाओं पर विषम और दुर्गम परिस्थितियों में तैनात रहकर कर्तव्य निभाने वाले प्रहरियों के दिल की सेहत दुरुस्त रखने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, भीलों का बेदला के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.
  • पुरोहित मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
  • जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ.
  • पुरोहित ने जवानों को हृदय रोग से बचाव, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और प्राथमिक लक्षणों को समय रहते पहचानने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
  • उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात जवानों का जीवन अत्यधिक शारीरिक श्रम, मानसिक तनाव और मौसम के उतार-चढ़ाव से भरा होता है।
WAf𝕏TGin✉🖨
विश्व हृदय दिवस पर पीएमसीएच की ओर से, बीएसएफ कैंपस में चिकित्सा जागरूकता कार्यक्रम

उदयपुर। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 129 वीं वाहिनी (शौर्य चक्र बटालियन) कैम्पस में जवानों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक विशेष चिकित्सा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

देश की सीमाओं पर विषम और दुर्गम परिस्थितियों में तैनात रहकर कर्तव्य निभाने वाले प्रहरियों के दिल की सेहत दुरुस्त रखने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, भीलों का बेदला के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सी. पी. पुरोहित मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ.सी.पी.पुरोहित ने जवानों को हृदय रोग से बचाव, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और प्राथमिक लक्षणों को समय रहते पहचानने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए।

उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात जवानों का जीवन अत्यधिक शारीरिक श्रम, मानसिक तनाव और मौसम के उतार-चढ़ाव से भरा होता है। ऐसे में दिल की सेहत का विशेष ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है।

उन्होंने दैनिक जीवन में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और मानसिक तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डॉ. पुरोहित ने जवानों को हृदय रोगों के शुरुआती संकेतों के बारे में जानकारी देते कहा कि छाती में भारीपन, लगातार सांस फूलना, जबड़े या बाएं हाथ में दर्द, अत्यधिक थकान और अचानक पसीना आना दिल की बीमारी का संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को सामान्य गैस या मांसपेशियों का खिंचाव मानकर अनदेखा करना जानलेवा साबित हो सकता है।

उन्होंने नियमित मेडिकल चेक-अप की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच करवाते रहने से किसी भी संभावित खतरे को गंभीर स्थिति में पहुंचने से पहले रोका जा सकता है।

बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपयोगी और संवेदनशील पहल के लिए डॉ. सी. पी. पुरोहित तथा पेसिफिक मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।

अधिकारियों ने कहा कि देश के जांबाज जवानों की शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और इस प्रकार के स्वास्थ्य कार्यक्रम जवानों का मनोबल और स्वास्थ्य दोनों सुदृढ़ बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होते हैं।

कार्यक्रम में बटालियन के आला अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहे।