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आईसीएमआर-एसटीएस में पीएमसीएच के मेडिकल छात्रों का दबदबा,

राजस्थान में सर्वाधिक रिसर्च प्रोजेक्ट स्वीकृत

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर, पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल उदयपुर के मेडिकल छात्रों ने रिसर्च के क्षेत्र में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की प्रतिष्ठित अल्पकालिक छात्रवृत्ति (एसटीएस) अनुसंधान योजना में पीएमसीएच के विद्यार्थियों ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में संस्थान को अग्रणी स्थान पर पहुंचाया है।
  • पिछले दो वर्षों में पीएमसीएच के मेडिकल छात्रों के कुल 8 आईसीएमआर-एसटीएस रिसर्च प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए हैं।
  • वर्ष 2026 में चयनित तीन विद्यार्थियों में मालवी अग्रवाल का शोध प्रोजेक्ट सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ.
  • आशीष गोयल, भूमिका अग्रवाल का प्रोजेक्ट जैव रसायन विभाग की डॉ.
  • नीता साही तथा यकृत जैन का प्रोजेक्ट मेडिसिन विभाग के डॉ.
  • सौरभ गोयल के मार्गदर्शन में चयनित हुआ है।
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आईसीएमआर-एसटीएस में पीएमसीएच के मेडिकल छात्रों का दबदबा,

उदयपुर, पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल उदयपुर के मेडिकल छात्रों ने रिसर्च के क्षेत्र में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की प्रतिष्ठित अल्पकालिक छात्रवृत्ति (एसटीएस) अनुसंधान योजना में पीएमसीएच के विद्यार्थियों ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में संस्थान को अग्रणी स्थान पर पहुंचाया है।

पिछले दो वर्षों में पीएमसीएच के मेडिकल छात्रों के कुल 8 आईसीएमआर-एसटीएस रिसर्च प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए हैं।वर्ष 2026 में चयनित तीन विद्यार्थियों में मालवी अग्रवाल का शोध प्रोजेक्ट सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. आशीष गोयल, भूमिका अग्रवाल का प्रोजेक्ट जैव रसायन विभाग की डॉ. नीता साही तथा यकृत जैन का प्रोजेक्ट मेडिसिन विभाग के डॉ.सौरभ गोयल के मार्गदर्शन में चयनित हुआ है।

विद्यार्थियों ने अपने शोध प्रस्ताव अनुभवी फैकल्टी के मार्गदर्शन में तैयार कर आईसीएमआर के समक्ष प्रस्तुत किए।पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने आईसीएमआर-एसटीएस के लिए चयनित विद्यार्थियों एवं उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि लगातार दूसरे वर्ष विद्यार्थियों का इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शोध योजना में चयन होना संस्थान के लिए गौरव की बात है।

उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, फैकल्टी के मार्गदर्शन और संस्थान में विकसित हो रहे मजबूत शैक्षणिक एवं अनुसंधान वातावरण का परिणाम है।इस उपलब्धि पर पीएमयू के प्रेसिडेन्ट डॉ.एम.एम.मंगल एवं पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ.यू.एस. परिहार ने चयनित विद्यार्थियों और उनके गाइड्स को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।पीएमसीएच के आईसीएमआर-एसटीएस नोडल इंचार्ज एवं फार्माकोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.रोहिताश यादव ने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को केवल मेडिकल शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि शुरुआती स्तर से ही अनुसंधान पद्धति, वैज्ञानिक सोच एवं साक्ष्य-आधारित चिकित्सा के प्रति प्रोत्साहित किया जाता है।उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार करने, रिसर्च टॉपिक के चयन, रिसर्च प्रोटोकॉल तैयार करने, डेटा कलेक्शन, विश्लेषण और वैज्ञानिक तरीके से शोध परिणाम प्रस्तुत करने के लिए लगातार मार्गदर्शन दिया जाता है।

मेडिकल विद्यार्थियों में शोध के प्रति रुचि विकसित करना पीएमसीएच की शैक्षणिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।गौरतलब है कि वर्ष 2025 में पीएमसीएच के 5 मेडिकल छात्रों के आईसीएमआर-एसटीएस शोध प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में 3 विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट चयनित हुए हैं।

लगातार दो वर्षों में 8 प्रोजेक्ट स्वीकृत होना संस्थान में विकसित हो रहे रिसर्च कल्चर को दर्शाता है।