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हाईटेक रामलीला में सीता और राम का जन्म,श्रवण वध

आज रात ताडका वध का भयानक दृश्य मंचित होगा

मुख्य बिंदु
  • रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी प्रथम के प्लेटिनम पार्क में श्री रामलीला सेवा समिति के तत्वावधान में मंचित हो रही हाईटेक रामलीला का सोमवार को दूसरा दिन बेहद प्रभावशाली ढंग से संपन्न हुआ।
  • सीता और राम का जन्म हुआ तो वही श्रावण वध मार्मिक प्रसंग मंचित किया गया।
  • आज मंगलवार रात को बहुत ही भयानक अंदाज में ताड़का वध का मंचन किया जाएगा।
  • सोमवार रात शुरुआत वेदवंती और रावण के संवाद से हुई, जिसमें रावण के दरबार का दृश्य मंच पर जीवंत हो उठा।
  • कल मंगलवार रात को ताडका वध का दृश्य बहुत ही भयानक अंदाज में पेश किया जाएगा।
  • आज मुख्य अतिथि समाजसेवी सुनील खन्ना, नीलकंठ मुंजाल और विजय झोरड रहे।
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हाईटेक रामलीला में  सीता और राम का जन्म,श्रवण वध

श्रीगंगानगर । रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी प्रथम के प्लेटिनम पार्क में श्री रामलीला सेवा समिति के तत्वावधान में मंचित हो रही हाईटेक रामलीला का सोमवार को दूसरा दिन बेहद प्रभावशाली ढंग से संपन्न हुआ।

सीता और राम का जन्म हुआ तो वही श्रावण वध मार्मिक प्रसंग मंचित किया गया। आज मंगलवार रात को बहुत ही भयानक अंदाज में ताड़का वध का मंचन किया जाएगा।

सोमवार रात शुरुआत वेदवंती और रावण के संवाद से हुई, जिसमें रावण के दरबार का दृश्य मंच पर जीवंत हो उठा। कल मंगलवार रात को ताडका वध का दृश्य बहुत ही भयानक अंदाज में पेश किया जाएगा।आज मुख्य अतिथि समाजसेवी सुनील खन्ना, नीलकंठ मुंजाल और विजय झोरड रहे।

वेदवंती की भूमिका कृति ने निभाई, जबकि रावण का किरदार भूपेंद्र शर्मा ने बखूबी निभाया।इसके बाद रावण द्वारा साधुओं का नरसंहार कर उनका रक्त लाने के लिए मेघनाथ को भेजने का प्रसंग दिखाया गया। मेघनाथ की भूमिका सूरज सोनी ने निभाई। कुंभकरण की भूमिका सूरज सोनी, अक्षयकुमार की आशादीप, विभीषण की अर्श तथा अहिरावण की भूमिका विपिन सचदेवा ने निभाई। दरबार के दृश्य में कलाकारों की अभिनय कला और हाईटेक तकनीक ने दर्शकों को प्रभावित किया।

इसके बाद दशरथ दरबार का दृश्य मंचित किया गया। राजा दशरथ की भूमिका सुधीर गोयल ने की।

श्रवण की भूमिका अंकित भगत ने निभाई, जबकि उनके माता-पिता की भूमिकाएं नैना और मंथन ने अदा कीं। श्रवण वध का मार्मिक प्रसंग और उसके बाद दशरथ का श्रवण के माता-पिता के पास जाने का दृश्य भावुक कर देने वाला रहा।

सुनयना की भूमिका निधि कामरा ने निभाई।जनक दरबार का प्रसंग भी प्रभावी रहा, जिसमें राजा जनक की भूमिका विपिन सचदेवा ने निभाई। जनक द्वारा खेत में हल चलाने और सीता जन्मोत्सव का दृश्य मंच पर बड़े ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इसके बाद दशरथ दरबार में पुत्र जन्म की सूचना पहुंचने का प्रसंग दिखाया गया। दशरथ का महलों में जाना और महल में भगवान श्रीराम के बड़े होने तक के दृश्य दर्शकों को रामकथा की गहराई से जोड़ते रहे।

प्रमुख भूमिकाएं और कलाकारों का योगदान कौशल्या की भूमिका राधा, कैकेयी की भूमिका सुषमा बत्रा तथा सुमित्रा की भूमिका नीति बत्रा ने निभाई। गुरु वशिष्ठ की भूमिका संजय बजाज, अग्नि देव की भूमिका भव्य और किन्नर की भूमिका गोरी माई ने अदा की।

धरती माता की भूमिका दिलनाज ने निभाई। दरबारियों और साधुओं के रूप में जशन, लक्ष्य, रोहित, नरेंद्र जुनेजा, राजेश, हार्दिक, निखिल आदि कलाकारों ने अपनी भूमिकाएं निभाईं।विभिन्न प्रसंगों के बीच एनिमा डांस ग्रुप के कलाकारों ने शानदार नृत्य प्रस्तुतियां दीं।हाईटेक तकनीक, प्रभावी अभिनय और सुंदर मंच सज्जा ने पूरे दिन के मंचन को यादगार बना दिया।