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Jaislmer news

शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनो।

थीम पर विद्यार्थियों को दी कानूनी जानकारियां

मुख्य बिंदु
  • माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार नालसा (जागृति), 2025 की माह अगस्त, 2026 की थीम तथा ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे के अन्तर्गत ‘‘शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनो।
  • अच्छा स्पर्श - बुरा स्पर्श, फर्क समझो, सुरक्षित रहो।
  • ’’ एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर हमीरा गांव के विद्यालयों में अधिवक्तागण द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम व विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किये गये।
  • कार्यक्रम में बालक- बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि बच्चे एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला हैं और उनके अधिकारों तथा सुरक्षा के प्रति जागरूकता उनके समग्र विकास और कल्याण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
  • उन्होंने बच्चों को सरल भाषा में जानकारी देते हुए बताया कि दुर्व्यवहार का मतलब है बड़ों द्वारा किया गया ऐसा गलत व्यवहार जो आपको नुकसान पंहुचाए, यह मुख्यतः तीन प्रकार को होता है शारीरिक, मानसिक तथा यौन दुर्व्यवहार।
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शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनो।

जैसलमेर । माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार नालसा (जागृति), 2025 की माह अगस्त, 2026 की थीम तथा ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे के अन्तर्गत ‘‘शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनो।

अच्छा स्पर्श - बुरा स्पर्श, फर्क समझो, सुरक्षित रहो।’’ एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर हमीरा गांव के विद्यालयों में अधिवक्तागण द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम व विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किये गये।

कार्यक्रम में बालक- बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि बच्चे एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला हैं और उनके अधिकारों तथा सुरक्षा के प्रति जागरूकता उनके समग्र विकास और कल्याण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बच्चों को सरल भाषा में जानकारी देते हुए बताया कि दुर्व्यवहार का मतलब है बड़ों द्वारा किया गया ऐसा गलत व्यवहार जो आपको नुकसान पंहुचाए, यह मुख्यतः तीन प्रकार को होता है शारीरिक, मानसिक तथा यौन दुर्व्यवहार।

बच्चे किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार होने पर 1098 चाईल्ड लाईन अथवा रालसा 15100 हेल्पलाईन पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

विद्यालयों में स्थापित दीदी का बक्सा में बच्चे अपनी शिकायत गुप्त रूप से डाल सकते हैं जिनमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आवश्यक कार्यवाही एवं सहायता की जाएगी।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाल दुर्व्यवहार रोकने और उसका समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम प्राधिकरण पूर्व में भी आयोजित करता रहा है तथा सतत् जागृति के क्रम में भविष्य में भी विधिक जागरूकता कार्यक्रम विभिन्न विषयों पर आयोजित किये जाते रहेंगे। अधिवक्ता शिप्रा शांडिल्य तथा खेमेन्द्र सिंह ने सफल कार्यक्रमों का आयोजन किया, प्रधानाचार्य महोदय ने इसके लिए आभार व्यक्त किया।