मुख्य सामग्री पर जाएँ
शनिवार, 26 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Banswara News

इस्कॉन में नंदोत्सव की धूम रही

कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में देर रात तक झूमे श्रद्धालु

मुख्य बिंदु
  • बांसवाड़ा | प्रगति नगर स्थित जांगिड धर्मशाला में आयोजित इस्कॉन केन्द्र द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में देर मध्य रात्रि के बाद भी भजनों गरबों पर श्रद्धालुओं झूमते रहे | वहीं 19 फिट ऊंची दही हांडी फोड़ने में वंशी , कल्प कान्हाओं में होड मची।
  • जन्माष्टमी महोत्सव पर्व पर प्रारम्भ में अभय गौरांग दास एवम् अभिनंदन निमाई दास की अगुवाई में भोर तड़के चार बजे मंगला आरती विधान, कुमकुम केसर युक्त नारियल पानी से अभिषेक, पूजा विधान विभिन्न सुगंधित द्रव्यों, पंच गव्य, अबीर, गुलाल , इत्र सहित विभिन्न सुन्दर फूलों से झांकी सजाई ।
  • इसके पश्चात प्रात से इस्कॉन स्थापक श्रील प्रभुपाद,गौर निताई, चैतन्य महाप्रभु , भगवान् योगेश्वर श्रीकृष्ण भावनामृत भक्ति युक्त होकर बलराम,माता यशोदा के पाद पूजन आचार्य विश्व आत्मा दास एवम् कुशाग्र निमाई दास के सानिध्य में साधक साधिकाओं श्रद्धालुओं ने किया।
  • ओर मनोहारी श्रृंगार सोने चांदी की कंठी , मोतियों की माला ओर वस्त्र आभूषणों से सुसज्जित किया।
WAf𝕏TGin✉🖨
इस्कॉन में नंदोत्सव की धूम रही

बांसवाड़ा | प्रगति नगर स्थित जांगिड धर्मशाला में आयोजित इस्कॉन केन्द्र द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में देर मध्य रात्रि के बाद भी भजनों गरबों पर श्रद्धालुओं झूमते रहे | वहीं 19 फिट ऊंची दही हांडी फोड़ने में वंशी , कल्प कान्हाओं में होड मची।

जन्माष्टमी महोत्सव पर्व पर प्रारम्भ में अभय गौरांग दास एवम् अभिनंदन निमाई दास की अगुवाई में भोर तड़के चार बजे मंगला आरती विधान, कुमकुम केसर युक्त नारियल पानी से अभिषेक, पूजा विधान विभिन्न सुगंधित द्रव्यों, पंच गव्य, अबीर, गुलाल , इत्र सहित विभिन्न सुन्दर फूलों से झांकी सजाई ।

इसके पश्चात प्रात से इस्कॉन स्थापक श्रील प्रभुपाद,गौर निताई, चैतन्य महाप्रभु , भगवान् योगेश्वर श्रीकृष्ण भावनामृत भक्ति युक्त होकर बलराम,माता यशोदा के पाद पूजन आचार्य विश्व आत्मा दास एवम् कुशाग्र निमाई दास के सानिध्य में साधक साधिकाओं श्रद्धालुओं ने किया।ओर मनोहारी श्रृंगार सोने चांदी की कंठी , मोतियों की माला ओर वस्त्र आभूषणों से सुसज्जित किया।

इससे पूर्व कृपाली भट्ट,चरण वंदना दासी,श्रीमति रचना व्यास मानस पंड्या,कुशल, पुनीत , डिम्पल सहित विभिन्न साधकों ने तुलसी नृसिंह आरती विधान पूर्ण कर वर्ष पर्यन्त अनजाने में हुई सेवा पूजा विधान की भूलों पर अश्रुपूरित भाव विभोर होकर दामोदर स्त्रोत से प्रार्थना की।

मध्य रात्रि बारह बजते ही भगवान् योगेश्वर श्री कृष्ण कृष्ण के अवतरण के समय पर पुष्प वर्षा,ओर भाव विभोर होकर सुगंधित द्रव्यों का छिड़काव कर इष्ट देव के दर्शन कर 56 भोग धराया ओर अरोगणना गाया।

इससे पूर्व कृष्ण भावनामृत भक्ति साधना युक्त होकर विभिन्न लीलाओं का मंचन मानस, वारिश , अजय , रौनक , शुभम , काव्य , नेमिश , हेमेंद्र , कांता , दक्षा , , मीनल , श्रीजा , वंशी , हिक्षिता ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों भजन कीर्तन सत्संग में साधक साधिकाएं महिलाओं ,युवाओं ने किया।

इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान में आचार्य विश्व आत्मा दास, कुशाग्र,ओड्रिला शिल्पा,शुभम, वारिश , वंशी रतन, कृपाली भट्ट,नीरज पाठक,कुशल,डिम्पल,सुनील, सुरेश,नैमिष, अक्षी,शाबुनी, मंडल,दीपिका,विभा, अर्चना, अनिता,भारती,चैतन्य, खुशी त्रिवेदी,चरण वंदना दासी, श्रीमति राजेश्वरी, सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों , गणमान्य सदस्यों ने भाग लिया।

देर मध्य रात्रि के बाद भोर में शनिवार को भगवान् योगेश्वर श्री कृष्ण और इस्कॉन संस्थापक शील प्रभु पाद का नंदोत्सव धूमधाम समारोह पूर्वक मना कर भोजन प्रसादी वितरित की गई।