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Jaislmer news

विकसित भारत-जन सेवा अभियानश् के तहत जैसलमेर जिले में कृषि विभाग की बड़ी पहल; 2106 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित, 5777 किसान विभागीय योजनाओं से लाभान्वित

जैसलमेर। जिले में चल रहे श्विकसित भारत जन सेवा अभियानश् के तहत कृषि विभाग द्वारा किसानों तक योजनाओं और कृषि सेवाओं की सीधी पहुंच

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जैसलमेर । जिले में चल रहे श्विकसित भारत जन सेवा अभियानश् के तहत कृषि विभाग द्वारा किसानों तक योजनाओं और कृषि सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की गई।

इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा ब्लॉक लेवल पर 19 से 25 सितंबर तक और 20 से 20 सितंबर तक गिरदावर सर्किल पर ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित श्सेवा सेतु अभियान ग्रामीण क्षेत्रश् के दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई।

संयुक्त निदेशक कृषि (दि.) श्री महावीर प्रसाद छींपा ने बताया कि अभियान के दौरान प्रदेश में कुल 2106 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए, जबकि 5777 किसानों को विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी से लाभान्वित किया गया। इससे किसानों को अपनी भूमि की मृदा स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी मिली।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड से मिट्टी की सेहत का परीक्षणः कृषि विभाग द्वारा किसानों को मिट्टी की वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने तथा संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का संचालन किया जा रहा है।

इस योजना के तहत खेत से मिट्टी का नमूना लेकर वैज्ञानिक विधि से उनकी जांच की जाती है और जांच के आधार पर किसान को 2106 मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराये जा चूके है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड में मिट्टी में उपलब्ध प्रमुख एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की स्थिति के साथ-साथ फसल के अनुसार आवश्यक पोषक तत्वों एवं उर्वरकों की मात्रा की सिफारिश की जाती है।

इससे किसान को यह जानने में मदद मिलती है कि उसके खेत में कौन-से पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में हैं और किन तत्वों की कमी है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर, जिंक, आयरन, कॉपर, मैंगनीज, बोरॉन, पीएच, विद्युत चालकता तथा ऑर्गेनिक कार्बन सहित 12 मानकों की जांच की जाती है।

जांच के आधार पर उर्वरकों, जैव उर्वरकों, जैविक खाद तथा आवश्यक मृदा सुधारकों के उपयोग के संबंध में सलाह दी जाती है।

फसल बीमा योजना से सुरक्षित हुईं खरीफ फसलेंः विकसित भारत-जन सेवा अभियान के शिविरों में कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की जानकारी भी प्रमुखता से दी जा रही है। प्राकृतिक आपदाओं, जैसे कि सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट या बीमारियों के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की वित्तीय भरपाई के लिए यह योजना किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है।

जिले में खरीफ 2026 सीजन के 41306 किसानों ने कुल 2.26 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर मुख्य 7 फसलों का सुरक्षित बीमा करवाया है। इसमें मुख्य रूप से क्षेत्र की प्रमुख फसलें जैसे मूँगफली, मूँग, ग्वार, बाजरा, तिल ज्वार और मोठ शामिल हैं।