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Udaipur News

सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने अपना 129वां द्विमासिक स्नेह मिलन उत्साहपूर्वक मनाया

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर | सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने अपना 129वां द्विमासिक स्नेह मिलन समारोह एम पी यू ए टी गेस्ट हाउस में डा.
  • एल एस जैन की अध्यक्षता मे मनाया ।
  • डॉ विमल शर्मा की "ईश वंदना" के पश्चात डॉ के एल डांगी , श्रीमति मणि पटेल एवं आर स्वामीनाथन ने सुंदर भजन व डॉ के एल तोतावत ने "प्राणवान दोहे" सुनाए।
  • श्रीमती शकुन्तला धाकड एवं डॉ एल एल धाकड़ ने प्रेरणास्पद प्रसंग के माध्यम से बताया कि तृष्णा ही मानसिक अशांति का कारण है तथा एक उम्र के बाद परिवार जन को मांगने पर ही सलाह देना सुख लाने का राज है।
  • श्रीमती शशिकांता कंठालिया ने पर्यावरण का संदेश देती वृक्ष की व्यथा कविता, डॉ पी सी कंठालिया ने चुटकुले सुना सभी को हंसाया।
  • डॉ स्वामीनाथन ने विभिन्न कलाकारों की शैली में संगीतमय फिल्मी मेडली प्रस्तुत की, डॉ के एल डांगी ने मे कोई मतवाला आया मेरे द्वारे , एवं डॉ विमल शर्मा ने तरन्नुम मे स्वरचित नज़्म सुनाई ।
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सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने अपना 129वां द्विमासिक स्नेह मिलन उत्साहपूर्वक मनाया

उदयपुर | सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने अपना 129वां द्विमासिक स्नेह मिलन समारोह एम पी यू ए टी गेस्ट हाउस में डा. एल एस जैन की अध्यक्षता मे मनाया ।

डॉ विमल शर्मा की "ईश वंदना" के पश्चात डॉ के एल डांगी , श्रीमति मणि पटेल एवं आर स्वामीनाथन ने सुंदर भजन व डॉ के एल तोतावत ने "प्राणवान दोहे" सुनाए।

श्रीमती शकुन्तला धाकड एवं डॉ एल एल धाकड़ ने प्रेरणास्पद प्रसंग के माध्यम से बताया कि तृष्णा ही मानसिक अशांति का कारण है तथा एक उम्र के बाद परिवार जन को मांगने पर ही सलाह देना सुख लाने का राज है।

श्रीमती शशिकांता कंठालिया ने पर्यावरण का संदेश देती वृक्ष की व्यथा कविता, डॉ पी सी कंठालिया ने चुटकुले सुना सभी को हंसाया।

डॉ स्वामीनाथन ने विभिन्न कलाकारों की शैली में संगीतमय फिल्मी मेडली प्रस्तुत की, डॉ के एल डांगी ने मे कोई मतवाला आया मेरे द्वारे , एवं डॉ विमल शर्मा ने तरन्नुम मे स्वरचित नज़्म सुनाई । इस माह जन्मे व विवाह बंधन मे बंधे सदस्यों के स्वस्थ्य व निरोगी जीवन के लिए डॉ ए एल तापड़िया के वैदिक मंत्रोचार के बीच तिलक व माला से बहुमान किया गया | डा पी सी कंठालिया परिवार की ओर से स्नेहभोज के पश्चात आभार डॉ एस सी भारद्वाज द्वारा ज्ञापित किया गया |