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Udaipur News

अत्याधुनिक प्रीऑपरेटिव ट्यूमर एम्बोलाइजेशन से जटिल स्कल मेनिंजियोमा का सफल उपचार

मुख्य बिंदु
  • आरएनटी मेडिकल कॉलेज में इंटरवेंशनल न्यूरोसर्जरी टीम द्वारा 48 वर्षीय मरीज निवासी वल्लभनगर के विशाल एवं अत्यधिक रक्तवाहिकाओं से युक्त डिप्लोइक मेनिंजियोमा (खोपड़ी का ट्यूमर) का सफल उपचार किया गया।
  • इस प्रकार के ट्यूमर में अनेक रक्त वाहिकाओं से अत्यधिक रक्त आपूर्ति होने के कारण ऑपरेशन के दौरान भारी रक्तस्राव का खतरा रहता है, जिससे मरीज की जान को गंभीर जोखिम हो सकता है और कई बार ऑपरेशन के दौरान कई लीटर रक्त की आवश्यकता पड़ती है।
  • इस जोखिम को कम करने के लिए ऑपरेशन से पहले प्रीऑपरेटिव ट्यूमर एम्बोलाइजेशन नामक अत्याधुनिक प्रक्रिया की गई।
  • इस तकनीक में विशेष लिक्विड एवं सॉलिड एम्बोलिक एजेंट्स के माध्यम से ट्यूमर को रक्त पहुंचाने वाली धमनियों को बंद किया जाता है, जिससे ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव में उल्लेखनीय कमी आती है, ट्यूमर मुलायम हो जाता है तथा उसे पूरी तरह निकालने की संभावना बढ़ जाती है।
  • इससे मरीज के सुरक्षित उपचार और जीवन रक्षा की संभावना भी बढ़ती है।
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अत्याधुनिक प्रीऑपरेटिव ट्यूमर एम्बोलाइजेशन से जटिल स्कल मेनिंजियोमा का सफल उपचार

उदयपुर। आरएनटी मेडिकल कॉलेज में इंटरवेंशनल न्यूरोसर्जरी टीम द्वारा 48 वर्षीय मरीज निवासी वल्लभनगर के विशाल एवं अत्यधिक रक्तवाहिकाओं से युक्त डिप्लोइक मेनिंजियोमा (खोपड़ी का ट्यूमर) का सफल उपचार किया गया।

इस प्रकार के ट्यूमर में अनेक रक्त वाहिकाओं से अत्यधिक रक्त आपूर्ति होने के कारण ऑपरेशन के दौरान भारी रक्तस्राव का खतरा रहता है, जिससे मरीज की जान को गंभीर जोखिम हो सकता है और कई बार ऑपरेशन के दौरान कई लीटर रक्त की आवश्यकता पड़ती है।

इस जोखिम को कम करने के लिए ऑपरेशन से पहले प्रीऑपरेटिव ट्यूमर एम्बोलाइजेशन नामक अत्याधुनिक प्रक्रिया की गई।

इस तकनीक में विशेष लिक्विड एवं सॉलिड एम्बोलिक एजेंट्स के माध्यम से ट्यूमर को रक्त पहुंचाने वाली धमनियों को बंद किया जाता है, जिससे ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव में उल्लेखनीय कमी आती है, ट्यूमर मुलायम हो जाता है तथा उसे पूरी तरह निकालने की संभावना बढ़ जाती है।

इससे मरीज के सुरक्षित उपचार और जीवन रक्षा की संभावना भी बढ़ती है।

डॉ राहुल जैन प्राचार्य आरएनटी मेडिकल कॉलेज ने बताया कि संस्थान में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की पहल के परिणामस्वरूप अब यह अत्याधुनिक उपचार सुविधा आरएनटी मेडिकल कॉलेज में सरकारी योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपलब्ध है।

पहले इस प्रकार के इलाज के लिए मरीजों को बड़े महानगरों में जाना पड़ता था और भारी आर्थिक खर्च उठाना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी संस्थान में और अधिक उन्नत न्यूरो-चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सके।

डॉ के जी लोधा सह-आचार्य, न्यूरोसर्जरी विभाग, जो इंटरवेंशनल न्यूरोसर्जरी में प्रशिक्षित हैं, ने बताया कि ट्यूमर एम्बोलाइजेशन अत्यधिक रक्तवाहिकाओं वाले ट्यूमर के उपचार की नवीनतम एवं प्रभावी तकनीक है।

इस प्रक्रिया से ट्यूमर की रक्त आपूर्ति कम हो जाती है, ट्यूमर में नेक्रोसिस होता है तथा माइक्रोन्यूरोसर्जरी के दौरान उसे निकालना अधिक सुरक्षित और आसान हो जाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि यही तकनीक अन्य जटिल रक्तस्राव की स्थितियों जैसे पोस्टपार्टम हेमरेज तथा गंभीर नकसीर (एपिस्टेक्सिस) में भी जीवनरक्षक सिद्ध हो सकती है।

इस सफल उपचार में डॉ विपिन माथुर (मेडिकल सुपरिटेंडेंट, सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल) का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन भी रहा।

इस सफलता के लिए उन्होंने पूरी टीम का आभार व्यक्त किया, जिसमें डॉ. गौरव जायसवाल (विभागाध्यक्ष, न्यूरोसर्जरी), डॉ. तरुण रालोत (विभागाध्यक्ष, न्यूरोलॉजी), डॉ. उदिता नैथानी (विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसिया), डॉ. खेमराज मीणा (वरिष्ठ आचार्य, एनेस्थीसिया), डॉ. पंकज सोमानी एवं(कैथलैब स्टाफ) - लोहित दीक्षित, कृष्णा, प्रियंका तथा रेजिडेंट डॉक्टर शामिल रहे।

यह उपलब्धि आरएनटी मेडिकल कॉलेज में उन्नत न्यूरोसर्जिकल सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्याधुनिक उपचार को स्थानीय स्तर पर सुलभ बनाती है।