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Udaipur News

जिला कलक्टर ने किया आरएनटी परिसर का दौरा

महाराणा भूपाल अस्पताल व सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल का निरीक्षण

मुख्य बिंदु
  • जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने मंगलवार सुबह आर.
  • मेडिकल कॉलेज, उदयपुर से संबद्ध महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय एवं सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
  • निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, व्यवस्थाओं की पारदर्शिता और समयबद्ध सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
  • जिला कलक्टर श्री अग्रवाल ने सबसे पहले महाराणा भूपाल चिकित्सालय के आउटडोर (ओपीडी) का निरीक्षण किया।
  • यहां अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों को शीघ्र पर्ची उपलब्ध कराने, डॉक्टर से परामर्श, दवा वितरण तथा जांच प्रक्रिया को सरल बनाने की जानकारी दी गई।
  • क्यूआर कोड आधारित जांच रिपोर्ट प्रणाली का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने स्वयं स्कैन कर रिपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया समझी और इसकी सराहना की।
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जिला कलक्टर ने किया आरएनटी परिसर का दौरा

उदयपुर। जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने मंगलवार सुबह आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज, उदयपुर से संबद्ध महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय एवं सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, व्यवस्थाओं की पारदर्शिता और समयबद्ध सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर श्री अग्रवाल ने सबसे पहले महाराणा भूपाल चिकित्सालय के आउटडोर (ओपीडी) का निरीक्षण किया। यहां अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों को शीघ्र पर्ची उपलब्ध कराने, डॉक्टर से परामर्श, दवा वितरण तथा जांच प्रक्रिया को सरल बनाने की जानकारी दी गई। क्यूआर कोड आधारित जांच रिपोर्ट प्रणाली का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने स्वयं स्कैन कर रिपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया समझी और इसकी सराहना की। मेडिसिन ओपीडी में टोकन व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने वरिष्ठ नागरिक, सर्जरी, नेत्र, ईएनटी और मेडिकल ज्यूरिस्ट विभागों का जायजा लिया। इसके पश्चात सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय में प्लास्टिक सर्जरी एवं एंडोक्रिनोलॉजी विभाग का निरीक्षण कर मरीजों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर कलेक्टर ने आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर, ऑब्जर्वेशन वार्ड, मेडिकल इमरजेंसी, कॉटेज, सीटी स्कैन मशीन, प्लास्टर रूम और वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सेतू और “मेरा अस्पताल मेरी जिम्मेदारी” की सराहना
आरएनटी प्रशासन ने जिला कलक्टर को अवगत कराया कि मेडिकल कॉलेज से जुड़े आठ चिकित्सालयों में प्रतिदिन 8 से 12 हजार मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि लगभग 500 मरीज प्रतिदिन भर्ती होते हैं और 2500 मरीज लगातार भर्ती रहते हैं। मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना (माँ योजना) के तहत प्रतिमाह 7 से 9 करोड़ रुपए की आय भी हो रही है। जनाना चिकित्सालय के नए भवन निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने इसे समयबद्ध पूर्ण करने पर जोर दिया। “मेरा अस्पताल मेरी जिम्मेदारी” अभियान के तहत क्यूआर कोड स्कैन कर शिकायत एवं सुझाव प्रणाली को भी समझा। सेतु प्रणाली के तहत रेफर होकर आने वाले गंभीर मरीजों की रियल टाइम मॉनिटरिंग और अस्पताल पहुंचते ही उपचार शुरू करने की व्यवस्था की जानकारी भी कलेक्टर को दी गई। उन्होंने दोनों नवाचारों की सराहना की।

हर माह समीक्षा बैठक के निर्देश
जिला कलक्टर ने सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और अंतर्विभागीय समन्वय के लिए प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. कुशल गहलोत, अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन, मीडिया प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़, नर्सिंग अधीक्षक बीना कुमारी वर्मा, अमीन खान, ओम जोशी, जितेन्द्र भटनागर, निर्मला सोलंकी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

निजी एम्बुलेंस के जमावड़े व अवैध पार्किंग से परेशानी
निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने परिसर में 70-80 निजी एंबुलेंस और वाहनों के अनधिकृत पार्किंग की समस्या से अवगत कराया। यह भी बताया गया कि कुछ निजी वाहन मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पतालों की ओर ले जाते हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस पर कलक्टर ने व्यवस्था सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।