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Udaipur News

रितिका सूद ने रचा इतिहास: नवरात्रि में ‘Fire Walk’ कर साहस और आत्मबल की दी अद्भुत मिसाल 

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर | शक्ति, साहस और आस्था के पावन पर्व नवरात्रि के शुभ अवसर पर रितिका सूद ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अनूठी उपलब्धि हासिल की है।
  • रितिका ने 20 मार्च 2026 को लंदन में आयोजित ‘Fire Walk’ जैसे अत्यंत दुर्लभ एवं साहसिक कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
  • नवरात्रि में माँ शक्ति की आराधना के इस पावन समय में अग्नि पर चलना केवल एक साहसिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनके भीतर की आस्था, आत्मबल, मानसिक दृढ़ता और दिव्य शक्ति में विश्वास का प्रतीक बन गया।
  • इससे पूर्व भी रितिका ने मार्च 2025 में बिना किसी गाइड के हिमालय बेस कैंप (5364 मीटर / 17,598 फीट) तक की कठिनतम यात्रा को 3 मार्च से 17 मार्च तक सफलतापूर्वक पूर्ण कर अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति और साहस का परिचय दिया था।
  • विशेष उल्लेखनीय है कि लंदन में आयोजित इस ‘Fire Walk’ कार्यक्रम से प्राप्त संपूर्ण राशि को रितिका ने चैरिटी हेतु समर्पित कर दिया, जो उनके संवेदनशील, सेवाभावी और उदार व्यक्तित्व को दर्शाता है।
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रितिका सूद ने रचा इतिहास: नवरात्रि में ‘Fire Walk’ कर साहस और आत्मबल की दी अद्भुत मिसाल 

उदयपुर | शक्ति, साहस और आस्था के पावन पर्व नवरात्रि के शुभ अवसर पर रितिका सूद ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अनूठी उपलब्धि हासिल की है।

रितिका ने 20 मार्च 2026 को लंदन में आयोजित ‘Fire Walk’ जैसे अत्यंत दुर्लभ एवं साहसिक कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। नवरात्रि में माँ शक्ति की आराधना के इस पावन समय में अग्नि पर चलना केवल एक साहसिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनके भीतर की आस्था, आत्मबल, मानसिक दृढ़ता और दिव्य शक्ति में विश्वास का प्रतीक बन गया।

इससे पूर्व भी रितिका ने मार्च 2025 में बिना किसी गाइड के हिमालय बेस कैंप (5364 मीटर / 17,598 फीट) तक की कठिनतम यात्रा को 3 मार्च से 17 मार्च तक सफलतापूर्वक पूर्ण कर अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति और साहस का परिचय दिया था।

विशेष उल्लेखनीय है कि लंदन में आयोजित इस ‘Fire Walk’ कार्यक्रम से प्राप्त संपूर्ण राशि को रितिका ने चैरिटी हेतु समर्पित कर दिया, जो उनके संवेदनशील, सेवाभावी और उदार व्यक्तित्व को दर्शाता है।

रितिका की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे उदयपुर, मेवाड़ और देश के लिए गर्व का विषय है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची श्रद्धा और मजबूत संकल्प से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

ऋतिका की माता डॉ राजश्री गाँधी ने कहा "हमें अपनी बेटी पर गर्व है की वह निरंतर ऐसे ही परिवार एवं समाज का नाम रोशन करती रहें।"

रितिका आज की युवा पीढ़ी के लिए एक जीवंत प्रेरणा बनकर उभरी हैं, जो यह संदेश देती हैं कि— "साहस का अर्थ भय का अभाव नहीं, बल्कि उसे जीतकर आगे बढ़ने की शक्ति है।"