’उदयपुर।’’ आदिम एवं लोक कला के क्षेत्र में विगत 75 वर्षों से निरंतर कार्यरत भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर द्वारा नवरात्रि के अवसर पर आयोजित पारम्परिक गरबा नृत्य कार्यशाला का आज शुभारंभ हुआ।
कार्यशाला के प्रथम दिवस 10 प्रतिभागियों ने पारम्परिक गरबा नृत्य की बारीकियों एवं नृत्य की मूल शैली के प्रशिक्षण हेतु अपना पंजीयन कराया।भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक ’’डॉ. लईक हुसैन’’ ने बताया कि भारतीय लोक कला मण्डल द्वारा विगत कई वर्षों से नवरात्रि के पूर्व गरबा कार्यशाला का आयोजन किया जाता रहा है।
इसका उद्देश्य गरबा नृत्य, विशेष रूप से पारम्परिक गरबा नृत्य में रुचि रखने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं को इस लोक नृत्य की वास्तविक शैली, भाव-भंगिमाओं एवं पारम्परिक स्वरूप से परिचित करवाना है, ताकि वे गरबा नृत्य के माध्यम से माँ अम्बा के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित कर सकें।उन्होंने बताया कि इस वर्ष कार्यशाला ’’03 से 09 अक्टूबर 2026’’ तक आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला में नृत्य प्रशिक्षक ’’रीना बागड़ी एवं उनकी सहयोगी प्रशिक्षिकाओं’’ द्वारा प्रतिभागियों को प्रतिदिन शाम ’’04 से 05 बजे’’ तक पारम्परिक गरबा नृत्य का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।कार्यशाला के प्रथम दिवस प्रतिभागियों को गरबा की मूल चाल, ताल, लय, नृत्य की पारम्परिक मुद्राओं एवं सामूहिक प्रस्तुति की शैली का अभ्यास करवाया गया।
प्रतिभागियों ने गरबा की पारंपरिक शैली सीखने में विशेष उत्साह दिखाया।भारतीय लोक कला मण्डल द्वारा इच्छुक प्रतिभागियों को कार्यशाला में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है।
इच्छुक प्रतिभागी भारतीय लोक कला मण्डल में कार्यालय समय में आकर कर अपना पंजीयन करा सकते है।
