मुख्य सामग्री पर जाएँ
सोमवार, 21 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

“अभिलेखों में मेवाड़” प्रदर्शनी का शुभारंभ

इतिहास की धरोहर से रूबरू हुए नागरिक

मुख्य बिंदु
  • राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान राज्य अभिलेखागार द्वारा “अभिलेखों में मेवाड़” विषय पर चार दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ मंगलवार को उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन के करकमलों से राजस्थान साहित्य अकादमी पुस्तकालय में हुआ।
  • इस अवसर पर सुप्रसिद्ध इतिहासकार डॉ श्रीकृष्ण जुगनू, प्रसिद्ध वास्तुकार सुनील लढ्ढा सहित साहित्यकार, शोधार्थी एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
  • प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विधायक जैन ने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास की सराहना की और कहा कि इतिहास ही हमारी संस्कृति का आधार है।
  • उन्होंने आमजन को उदयपुर के समृद्ध अतीत से जोड़ने के लिए शहर में एक स्थायी अभिलेख दीर्घा स्थापित करने का सुझाव भी दिया।
  • इस अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन भी हुआ।
  • इसमें वक्ताओं ने मेवाड़ के इतिहास, संस्कृति और अभिलेखों के महत्व पर प्रकाश डाला।
WAf𝕏TGin🖨
“अभिलेखों में मेवाड़” प्रदर्शनी का शुभारंभ

उदयपुर। राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान राज्य अभिलेखागार द्वारा “अभिलेखों में मेवाड़” विषय पर चार दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ मंगलवार को उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन के करकमलों से राजस्थान साहित्य अकादमी पुस्तकालय में हुआ।

इस अवसर पर सुप्रसिद्ध इतिहासकार डॉ श्रीकृष्ण जुगनू, प्रसिद्ध वास्तुकार सुनील लढ्ढा सहित साहित्यकार, शोधार्थी एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विधायक जैन ने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास की सराहना की और कहा कि इतिहास ही हमारी संस्कृति का आधार है। उन्होंने आमजन को उदयपुर के समृद्ध अतीत से जोड़ने के लिए शहर में एक स्थायी अभिलेख दीर्घा स्थापित करने का सुझाव भी दिया।

इस अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन भी हुआ। इसमें वक्ताओं ने मेवाड़ के इतिहास, संस्कृति और अभिलेखों के महत्व पर प्रकाश डाला।

इतिहासकार श्रीकृष्ण जुगनू ने कहा कि इतिहास हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे संरक्षित रखने से हमारी सभ्यता, साहित्य और संस्कृति की निरंतरता बनी रहती है।

उन्होंने मेवाड़ के इतिहास से जुड़े कई रोचक तथ्यों की जानकारी देते हुए बताया कि विश्व में अनुवाद की परंपरा का प्रारंभ भी मेवाड़ से हुआ था। वास्तुकार सुनील लढ़ा ने कहा कि इतिहास के माध्यम से हमें अपने प्राचीन वैभव, पुरातत्व और शिल्पकला की जानकारी प्राप्त होती है।

उन्होंने विभाग के उदयपुर कार्यालय को आवंटित परिसर भवन का नक्शा निःशुल्क तैयार करने की घोषणा भी की।

कार्यालय के सहायक निदेशक बसंत सिंह सोलंकी ने बताया कि प्रदर्शनी में अभिलेखों के माध्यम से मेवाड़ की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, आय-व्यय, वर्षा के आंकड़े, ताम्रपत्र, बहियां, मेलों से संबंधित दस्तावेज आदि प्रदर्शित किए गए हैं। संगोष्ठी का संचालन रजत कहानीवाला ने किया। कार्यक्रम में कुंदन माली, हेमंत जोशी, सुनील टांक, सरिता जैन, रामदयाल मेहर सहित कार्यालय एवं अकादमी के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।