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एडीजे कुलदीप शर्मा ने किया केन्द्रीय कारागृह का साप्ताहिक निरीक्षण

 निरक्षर बंदीजन को जेल में किया जा रहा है साक्षर

निरक्षर बंदीजन को जेल में किया जा रहा है साक्षर

मुख्य बिंदु
  • सदस्य सचिव राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में श्रीमान ज्ञान प्रकाश गुप्ता अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के निर्देशन में एडीजे कुलदीप शर्मा द्वारा केन्द्रीय कारागृह उदयपुर का साप्ताहिक निरीक्षण द्वारा किया गया।
  • एडीजे कुलदीप शर्मा ने बताया कि पुरूष जेल निरीक्षण के दौरान बंदीजन को मुहैया कराई जा रही चिकित्सा, भोजन, चाय एवं नाश्ते के बारे में जानकारी ली गई।
  • बंदीजन को निःशुल्क विधिक सहायता, अपील, पैरोल इत्यादि के बारे में भी जानाकारी ली गई।
  • जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर द्वारा लीगल एड डिफेन्स काउंसिल स्कीम के तहत अभियुक्त को अधिवक्ता की सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।
  • पुरूष जेल में क्षमता से अधिक बंदीजन निरूद्ध पाए गए।
  • निरीक्षण में पाया गया कि मूलतः सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से जेल में निरूद्ध किये गए बंदीजन शिक्षित नहीं होने के कारण अपील, पैरोल, निःशुल्क विधिक सहायता एवं अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से घबराते है।
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एडीजे कुलदीप शर्मा ने किया केन्द्रीय कारागृह का साप्ताहिक निरीक्षण

उदयपुर। सदस्य सचिव राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में श्रीमान ज्ञान प्रकाश गुप्ता अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के निर्देशन में एडीजे कुलदीप शर्मा द्वारा केन्द्रीय कारागृह उदयपुर का साप्ताहिक निरीक्षण द्वारा किया गया।

एडीजे कुलदीप शर्मा ने बताया कि पुरूष जेल निरीक्षण के दौरान बंदीजन को मुहैया कराई जा रही चिकित्सा, भोजन, चाय एवं नाश्ते के बारे में जानकारी ली गई। बंदीजन को निःशुल्क विधिक सहायता, अपील, पैरोल इत्यादि के बारे में भी जानाकारी ली गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर द्वारा लीगल एड डिफेन्स काउंसिल स्कीम के तहत अभियुक्त को अधिवक्ता की सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। पुरूष जेल में क्षमता से अधिक बंदीजन निरूद्ध पाए गए।

निरीक्षण में पाया गया कि मूलतः सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से जेल में निरूद्ध किये गए बंदीजन शिक्षित नहीं होने के कारण अपील, पैरोल, निःशुल्क विधिक सहायता एवं अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से घबराते है।

इस कारण केन्द्रीय काराग्रह अधीक्षक राजपाल सिंह द्वारा जेल में कक्षाएं लगाने की पहल की गई है। पिछले दो माह में करीब 50 बंदीजन पढना लिखना सिख चुके है।

प्रतिदिन 3 घंटे पुरूष बंदीजन को बोर्ड पर पढाया जा रहा है। एडीजे कुलदीप शर्मा द्वारा बंदीजन की शिक्षा की जांच की गई।

बोर्ड पर बिना मात्रा एवं मात्रा वाले शब्दों को लिखा गया एवं एक-एक बंदीजन से पढवाया गया। एडीजे कुलदीप शर्मा ने बताया कि जेल में बंदीजन फेक्ट्री में काम करते है, कूलर दरियां एवं अन्य लौहे का सामान बनाते है।

इसी के साथ ऐसे बंदी जो जेल में दाखिल किये जाने के दौरान बिल्कुल निरक्षर थे, वह पढ लिख रहे है, अपने नाम से हस्ताक्षर तक करना सिख गए है, धीरे-धीरे जेल में जो लाईब्रेरी है उसमें जो किताबे है वह पढने के लिए दी जाएगी।

कुछ बंदीजन को ओपन का फार्म भी भरवाया गया है, जिससे वे 10 कक्षा पास कर सके। निरीक्षण के दौरान अधीक्षक राजपाल सिंह एवं जेल के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।