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Udaipur News

पर्यावरण-संवेदनशीलता के लिए प्रतिबद्ध बड़गांव के युवा

पिछले 15 सालों से गरबा पाण्डाल में धातु की मूर्ति, सिर्फ सांकेतिक विसर्जन

मुख्य बिंदु
  • नवरात्रि पर्व के आयोजन के दौरान बड़गांव के युवाओं में धार्मिक जागरूकता के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता देखने को मिल रही है।
  • उदयपुर के बड़गांव के सीबीसी क्लब की ओर से विगत 15 वर्षों से गरबा रास के दौरान गरबा पांडाल में मां अम्बे की धातु निर्मित प्रतिमा का पूजा-अर्चना की जा रही है।
  • अध्यक्ष अरविंद शर्मा ने बताया कि प्रारंभ में प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्ति का उपयोग किया जाता था लेकिन पिछले 15 वर्षा से पर्यावरण संरक्षण के लिए निर्धारित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए धातु से निर्मित मूर्ति का उपयोग किया जा रहा है।
  • सांस्कृतिक मंत्री सुनील व्यास ने बताया कि जलाशयों को प्रदूषण से बचाने एवं पर्यावरण को संरक्षित रखने की दिशा में युवाओं का यह अनुकरणीय प्रयास है।
  • व्यास ने बताया कि हर वर्ष नवरात्रि पर्व के अंतिम दिन विधिवत पूजा अर्चना व हवन इत्यादि कर इस मूर्ति का केवल सांकेतिक विसर्जन किया जाता है और मूर्ति को पुनः अध्यक्ष शर्मा के घर में मंदिर में रख दिया जाता है।
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पर्यावरण-संवेदनशीलता के लिए प्रतिबद्ध बड़गांव के युवा

उदयपुर। नवरात्रि पर्व के आयोजन के दौरान बड़गांव के युवाओं में धार्मिक जागरूकता के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता देखने को मिल रही है।

उदयपुर के बड़गांव के सीबीसी क्लब की ओर से विगत 15 वर्षों से गरबा रास के दौरान गरबा पांडाल में मां अम्बे की धातु निर्मित प्रतिमा का पूजा-अर्चना की जा रही है।

अध्यक्ष अरविंद शर्मा ने बताया कि प्रारंभ में प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्ति का उपयोग किया जाता था लेकिन पिछले 15 वर्षा से पर्यावरण संरक्षण के लिए निर्धारित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए धातु से निर्मित मूर्ति का उपयोग किया जा रहा है।

सांस्कृतिक मंत्री सुनील व्यास ने बताया कि जलाशयों को प्रदूषण से बचाने एवं पर्यावरण को संरक्षित रखने की दिशा में युवाओं का यह अनुकरणीय प्रयास है।

व्यास ने बताया कि हर वर्ष नवरात्रि पर्व के अंतिम दिन विधिवत पूजा अर्चना व हवन इत्यादि कर इस मूर्ति का केवल सांकेतिक विसर्जन किया जाता है और मूर्ति को पुनः अध्यक्ष शर्मा के घर में मंदिर में रख दिया जाता है।