परमात्मा के प्रति प्रेम और समर्पण जागे, तभी धर्म बनेगा जीवन का आधार
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में मंगलवार को आयोजित नियमित व्याख्यान में श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते हुए साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा …
“आत्मचिंतन” के परिणाम
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में मंगलवार को आयोजित नियमित व्याख्यान में श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते हुए साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा …
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में सोमवार को आयोजित नियमित प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने श्रावक-श्राविकाओं को आत्मचिंतन, स्वदोष दर्शन औ…
उदयपुर। अहिंसा दिवस के अवसर पर विज्ञान समिति, अशोक नगर में “विभिन्न धर्मों में अहिंसा की अवधारणा” विषय पर विचारपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारं…
उदयपुर। सकल दिगंबर जैन समाज सेक्टर-14 की ओर से महावीर भवन में आयोजित दस दिवसीय पर्युषण पर्व का समापन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना के साथ श्रद्धा और उल्लासपू…
मनुष्य के जीवन में कुछ पर्व ऐसे होते हैं, जो केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, बल्कि आत्ममंथन का अवसर बन जाते हैं। क्षमावाणी पर्व ऐसा ही एक पावन अवसर है। यह हमे…
उदयपुर। आगामी पर्युषण महापर्व को श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ भव्य रूप से मनाने की तैयारियों को लेकर पुलक मंच जिनशरणम् शाखा उदयपुर की महत्वपूर्ण बैठक आयोजि…
उदयपुर, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में संवत्सरी महापर्व एवं क्षमापर्व श्रद्धा, गरिमा और भावपूर्ण…
उदयपुर। दादावाड़ी में आध्यात्मिक चातुर्मास के अंतर्गत आयोजित पर्यूषण महापर्व के अंतिम आठवें दिवस मंगलवार को प्रथम प्रहर की शुभ वेला में आगम के वारसा सूत्र की भा…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के चौथे दिन सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में भव्य धर्मसभा हुई। साध्वी विद्युतप्रभा श्री…
उदयपुर। देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवसरण में 10 सितम्बर को आयोजित धर्मसभा में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि पर्युषण आत्मा का महापर्व है। तप, त्याग और संयम के म…
उदयपुर। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के आठ दिवसीय पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन सामयिक दिवस के रूप में मनाया गया। महाप्रज्ञ विहार में युगप्रधान आच…
मनुष्य बाहर की दुनिया को जीतने की आकांक्षा में इतना व्यस्त है कि वह अपने भीतर की दुनिया से दूर होता जा रहा है। उसने आकाश की ऊँचाइयाँ नाप लीं, समुद्र की गहराइया…