सच्ची आस्था वही, जो मानवता और जीवदया की राह दिखाए
उदयपुर। आध्यात्मिक प्रवचन में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य के जीवन में धर्म और आस्था का वास्तविक उद्देश्य केवल बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि अपने भीतर करुणा, …
“हमें” के परिणाम
उदयपुर। आध्यात्मिक प्रवचन में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य के जीवन में धर्म और आस्था का वास्तविक उद्देश्य केवल बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि अपने भीतर करुणा, …
उदयपुर। दिल्ली पब्लिक स्कूल, उदयपुर में कक्षा नवमी तथा दसवीं के लगभग 600 विद्यार्थियों के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर की ओर से स्कूली छात्रो…
उदयपुर। डूंगला के आगे पीराना गाँव, उदयपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर, से उदयपुर एनिमल प्रोटेक्शन सोसायटी को एक छोटे घायल नंदी महाराज की सूचना मिली। एक्सीडेंट में …
उदयपुर | मंगलवार को *तनेश्वर महादेव, परसाद* पर ग्रुप के करीब 100 सदस्यों की पिकनिक, वन भ्रमण एवं विभिन्न प्रतियोगिताएं रखी गई। सभी सदस्यों ने सुबह सर्वप्रथम के…
कोई भी निर्माण, कोई भी कार्यक्रम, कोई भी भोजन, कृषि, उद्योग और घर जल बिना नहीं होता। प्रदेश में इस वर्ष बहुत कम वर्षा हुई है तो जल दोहन भी बहुत अधिक होगा ऐसे म…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक प्रवचन में बुधवार को साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने भगवान महावीर के जीवन, साधना और पुरुषार्थ क…
उदयपुर। आध्यात्मिक प्रवचन में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य के जीवन में धर्म और आस्था का वास्तविक उद्देश्य केवल बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि अपने भीतर करुणा, …
भारत | 1 सितंबर 2026: जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल जनवरी 2027 में अपने ऐतिहासिक 20वें संस्करण के आयोजन की तैयारी कर रहा है। फ़ेस्टिवल अपने उन दो दशकों का जश्न मना र…
श्रीगंगानगर। ब्रह्मचारी कल्याण स्वरूप जी महाराज ने कहा है कि जब तक संस्कृत भाषा जन-जन की भाषा नहीं बनेगी तब तक भारत विश्व गुरु नहीं बन पाएगा। देवभाषा संस्कृत ह…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने सोमवार को कहा कि परमात्मा महावीर ने प्रचंड पुरुषार्थ…
पं. चमूपति जी अपने समय 1893-1937 के आर्यसमाज के शीर्ष विद्वानों में थे। पं. जी का जन्म 15 फरवरी 1893 को बहावलपुर (पाकिस्तान) में हुआ था तथा निधन लाहौर में 15 ज…
सत्य भूषण शर्मा, उदयपुर (राजस्थान)मानसून आते ही देश के अनेक शहरों की तस्वीर लगभग हर वर्ष एक जैसी दिखाई देती है—सड़कें जलमग्न, गलियां तालाब में तब्दील, वाहन पान…