9 नेत्रदान,11 जागरूकता कार्यशाला,और लाखों को जागरुक कर संपन्न हुआ नेत्रदान पखवाड़ा
कोटा। “मृत्यु के बाद भी किसी की दुनिया रोशन हो सकती है”—इस विचार को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित नेत्रदान पखवाड़ा, सेव…
“सकती” के परिणाम
कोटा। “मृत्यु के बाद भी किसी की दुनिया रोशन हो सकती है”—इस विचार को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित नेत्रदान पखवाड़ा, सेव…
श्रीगंगानगर। श्री अरोड़वंश सनातन धर्म मंदिर (ट्रस्ट) के पूर्व प्रधान स्वर्गीय त्रिलोकचंद वधवा की पुत्रवधू प्रीति गौरव वधवा ने चंडीगढ़ में अपनी अलग पहचान बनाकर …
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में चल रहे नियमित आध्यात्मिक प्रवचन में सोमवार को साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने पर्युषण महापर्व के आध्यात्मिक संदेश…
748 कॉर्निया प्रत्यारोपण से मरीजों की आंखों में लौटी रोशनी, नेत्रदान को जनआंदोलन बनाने की पहलसीएमई एवं लघु कॉन्फ्रेंस में कॉर्निया प्रत्यारोपण और नेत्रदान पर आ…
हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदना, विचार और ज्ञान-परंपरा से जुड़ने का सशक्त माध्यम है। बदलते डिजिटल परिवेश, वैश्वीकरण और आर्टि…
मनुष्य ने जब से अपने अस्तित्व को समझने का प्रयास किया है, तब से उसने अपने अतीत के बारे में अनेक कथाएँ गढ़ी हैं। देवताओं, दानवों, यक्षों, गंधर्वों और नागों की क…
उदयपुर, 6 सितंबर। जीआर फिनमार्ट की ओर से प्रस्तुत ‘कवियों का करवा’ काव्य संध्या का आयोजन रविवार को सुखाड़िया रंगमंच, नगर निगम टाउन हॉल में किया गया। शब्दों के …
राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शहरी निकायों में चुनावी तस्वीर साफ होने के बाद अब सियासी द…
उदयपुर। जीआर फिनमार्ट की ओर से प्रस्तुत ‘कवियों का करवा’ काव्य संध्या का आयोजन रविवार को सुखाड़िया रंगमंच, नगर निगम टाउन हॉल में किया गया। शब्दों के संगम और भा…
5 सितंबर भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देश के दूसरे राष्ट्रपति, दार्शनिक और शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है। 1962 से उन…
उदयपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर सेंट पॉल स्कूल में भावनात्मक और आत्मीय माहौल देखने को मिला, जब विद्यालय के पूर्व छात्र वर्षों बाद अपने शिक्षकों से मिलने के लिए …
उदयपुर, मेवाड़ की पहचान केवल उसके किलों, महलों और स्थापत्य से नहीं है। यह वह भूमि है जहां स्वाभिमान, संघर्ष और बलिदान की परंपराओं ने इतिहास को गहराई से प्रभावि…