हिंदी की महिमा और गणपति भक्ति से गूंजा ऐश्वर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेस
उदयपुर। ऐश्वर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में हिंदी दिवस एवं गणेश चतुर्थी पर्व का भव्य आयोजन उल्लास, उमंग और धार्मिक आस्था के साथ किया गया। दोनों अवसरों पर विद्यार्थिय…
“विद्यार्थी” के परिणाम
उदयपुर। ऐश्वर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में हिंदी दिवस एवं गणेश चतुर्थी पर्व का भव्य आयोजन उल्लास, उमंग और धार्मिक आस्था के साथ किया गया। दोनों अवसरों पर विद्यार्थिय…
पेसिफिक विश्वविद्यालय के पेसिफिक पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं पेसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट महाविद्यालय में अभियंता दिवस के उपलक्ष्य में “बेस्ट आउट…
प्रतापगढ़/ राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार ष्ज्तंदेवितउंजपअम ज्नमेकंलष्. ैजतंदहमत क्ंदहमत.छव.ळव.ज्मसस (अजनबियों से सावधान - मना करो-…
उदयपुर। महावीर ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन के तत्वावधान में महावीर जैन विद्यालय संस्थान में गणेश चतुर्थी एवं हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम…
उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के डेयरी और खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (सीडीएफटी) में हिन्दी दिवस के अवसर पर समारोह का आ…
उदयपुर। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष विज्ञान, जैव-प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षे…
लाइब्रेरी टूरिज्म एक उभरती हुई अवधारणा है, जो पुस्तकालयों को केवल पुस्तकों के अध्ययन एवं सूचना प्राप्ति के स्थान के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, साहित्य, संस्कृत…
उदयपुर। पाथेय कण संस्थान, विश्व संवाद केंद्र एवं रवींद्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, उदयपुर संयुक्त तत्वावधान में हस्तीमल व्याख्यानमाला के अंतर्गत ‘हम भ…
गणेश चतुर्थी भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जिसमें आस्था के साथ जीवन-दर्शन भी समाहित है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, विवेक और शुभारंभ का प्रतीक माना जात…
उदयपुर, रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर उद्यम की ओर से शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में ‘टीचर ट्रिब्यूट-2026’ सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में…
उदयपुर। पाथेय कण संस्थान, जयपुर, विश्व संवाद केन्द्र समिति, उदयपुर एवं रविन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘हस्तीमल व्या…
भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं होती। वह किसी समाज की स्मृतियों, संस्कारों, संवेदनाओं, विचारों और जीवन-दृष्टि को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे ले जाने वाली जीवंत धारा होती …