लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी के उद्बोधन के निहितार्थ है बहुत गहरे
भारत के 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन देश की राजनीतिक दिशा, राष्ट्रीय आकांक्षाओं और भविष्य के संकल्पों …
“सबसे” के परिणाम
भारत के 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन देश की राजनीतिक दिशा, राष्ट्रीय आकांक्षाओं और भविष्य के संकल्पों …
उदयपुर। स्वाधीनता दिवस के अवसर पर उदयपुर की युवा पर्वतारोही मनस्वी अग्रवाल को बीकानेर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा प्रशस्…
उदयपुर, विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिं़क एवं शीर्ष दस चांदी उत्पादक कंपनी में से एक हिन्दुस्तान जिं़क लिमिटेड ने राजस्थान और उत्तराखंड में अपनी परिचालन इकाइयों म…
उदयपुर निकाय चुनाव: आरक्षण लॉटरी के बाद भाजपा-कांग्रेस में बढ़ी सियासी हलचलउदयपुर। आगामी निकाय चुनावों को लेकर जयपुर में हुई आरक्षण लॉटरी के बाद उदयपुर की राजन…
पंद्रह अगस्त केवल एक तिथि नहीं, बल्कि उन असंख्य बलिदानों की अमर गाथा है जिन्होंने अपने आज को हमारे कल के लिए समर्पित कर दिया। वर्ष 2026 में भारत अपनी स्वतंत्रत…
आजादी मिलने के बाद की सबसे बड़ी त्रासदी विभाजन से उपजी वह व्यथा है जिसे सिंधी समुदाय आज भी अपने दिलो—दिमाग में बसाए हुए है। मैं स्वयं सिंधी समाज से हूं, इसलिए …
हर वर्ष 15 अगस्त 1947 को जब देश का तिरंगा पूरे गौरव के साथ आकाश में लहराता है और राष्ट्रगान की धुन करोड़ों भारतीयों के हृदय में राष्ट्रप्रेम का संचार करती है, …
उदयपुर। देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, इन वर्षाे में हिंदुस्तान जिंक ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी ह…
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय के संघटक सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा “राष्ट्र निर्माण मे…
उदयपुर। जैन सोशल ग्रुप कुटुंब परिवार ने सेवा सप्ताह के अंतर्गत “सेवा परमो धर्मः” की भावना को साकार करते हुए मेवाड़ रीजन के मेडिकल इक्विपमेंट बैंक को एक BIPAP म…
भारत विभाजन पीडादायक अध्याय-वासुदेव देवनानी*जयपुर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस (चौदह अगस्त) पर वर्ष 1947 के व…
*14 अगस्त हमारे लिए केवल भारत के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या नहीं है। यह भारतीय इतिहास का वह दिन है, जो कि इतिहास में सबसे पीड़ादायक और काले अध्याय के रूप …