उदयपुर। जल है तो जीवन है और जल संरक्षण केवल पर्यावरण की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जरूरत है। इसी संदेश के साथ गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस प्री-कैंपेन 2026 के तहत ‘मिशन LiFE’ पहल के अंतर्गत जल संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुल दीक्षित के मार्गदर्शन एवं नोडल अधिकारी डॉ. हेमलता मित्तल के समन्वयन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात जल विशेषज्ञ डॉ. पी. सी. जैन रहे।
गिरता भूजल और बढ़ता जल संकट चिंता का विषय
डॉ. जैन ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए गिरते भूजल स्तर, जल प्रदूषण और बढ़ते जल संकट पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों के संरक्षण के लिए अभी से ठोस और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने वर्षा जल संरक्षण एवं रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग को जल संकट से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण उपाय बताते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। साथ ही दूषित जल के कारण होने वाली फ्लोरोसिस और आर्सेनिकोसिस जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ते खतरे के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी।
‘सबसे बोलो, नल कम खोलो’ का संदेश
अपने संबोधन के दौरान डॉ. जैन ने “सबसे बोलो, नल कम खोलो” का प्रभावी संदेश देते हुए दैनिक जीवन में पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण की छोटी-छोटी आदतों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र एवं प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन हुआ, जिसमें जल संरक्षण से जुड़े सवालों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को पानी बचाने के विभिन्न व्यावहारिक उपायों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में डॉ. अंजना वर्मा, डॉ. मेधा माथुर, डॉ. ज्योति जैन, डॉ. भगराज चौधरी, डॉ. डी. आर. बेनीवाल, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुरेश चौधरी, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. अंशिका जैन, डॉ. प्रखर शर्मा, डॉ. विचित्र विभूति भूषण, डॉ. दिलशानों थैय्यम, डॉ. मुदित जैन, डॉ. प्रभात रंजन, डॉ. तनीषा कुमावत एवं डॉ. पूर्णिमा शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता डॉ. पी. सी. जैन को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
जल बचाने की आदत आज अपनाएंगे, तभी कल सुरक्षित रख पाएंगे।
