धर्मसभा से मिलता है संस्कारों का बल, चारित्र निर्माण और पुण्य लाभःमुनि आदित्य सागर
उदयपुर। सेक्टर-14 स्थित महावीर भवन में विराजित मुनि 108 श्री आदित्यसागर जी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि धर्मसभा में शामिल होने से व्यक्ति के चारित्र म…
“धर्मसभा” के परिणाम
उदयपुर। सेक्टर-14 स्थित महावीर भवन में विराजित मुनि 108 श्री आदित्यसागर जी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि धर्मसभा में शामिल होने से व्यक्ति के चारित्र म…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में बुधवार को आयोजित धर्मसभा में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने नवपद आराधना के चौथे दिन उपाध्याय पद की महिमा का वर्ण…
उदयपुर। देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि जीने के लिए सांसों और जीवन में आगे बढ़ने के लिए आ…
उदयपुर। धन, रूप, ज्ञान और दान का अभिमान व्यक्ति के पुण्य को निष्फल कर सकता है। सच्चा पुण्यार्जन तभी होता है, जब दान बिना अहंकार, दिखावे और किसी अपेक्षा के किया…
उदयपुर। महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन देते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने वाणी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मधुर वाणी अमृत के समान है, जबक…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में मंगलवार को नवपद ओली की आराधना के तीसरे दिन आचार्य पद की महत्ता पर धर्मसभा आयोजित हुई। साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-…
उदयपुर। महावीर समवशरण में धर्मसभा को संबोधित करते हुए प्रवर्तक डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने संसार के स्वरूप की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि संसरति इति संसारःअर्थात जह…
उदयपुर। “संसार में मिलने वाली सुख-सुविधाएं अस्थायी हैं, आत्मा का वास्तविक घर मोक्ष है। इसलिए मनुष्य को सांसारिक आकर्षणों में उलझने के बजाय अपने जीवन के परम लक्…
उदयपुर। सेक्टर-14 स्थित महावीर भवन में विराजित मुनि 108 आदित्य सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु भटके हुए लोगों को सही राह दिखाने वाले पथ …
उदयपुर। महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने जीवन, कर्म और आत्म-साधना के गहरे रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए…
उदयपुर। साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी ने धर्मसभा में श्रद्धालुओं को धर्म, संयम, सदाचार और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में …
उदयपुर। “जन्म से मानव होना महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि अपने कर्मों से मानवता को सिद्ध करना ही सच्ची मानवता है। ज्ञानदान और दीन-दुखियों की सेवा करना मानव जीवन का सबस…